- हिमाचल के पालमपुर के रिक्षित चौहान लापता हैं और घर में उनकी मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.
- 7 जनवरी को अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक में रूसी ऑयल टैंकर को कब्जे में लिया था, जिस पर रिक्षित सवार था.
- रिक्षित ने ‘मैरिनेरा’ पर एक अगस्त को अपनी तीसरी यात्रा शुरू की थी और 15 फरवरी तक घर लौटने का वादा किया था.
हिमाचल के पालमपुर का लाडला रिक्षित चौहान आज समुद्र के बीच लापता है और घर में उसकी मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. 7 जनवरी को अमेरिका ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में रूसी ऑयल टैंकर ‘मैरिनेरा' को कब्जे में लिया था. इस जहाज पर 28 लोग सवार थे, जिनमें तीन भारतीय भी शामिल हैं. उन्हीं में से एक रिक्षित चौहान भी है, जो पालमपुर के सिद्धपुर वार्ड नंबर 7 के रहने वाले हैं. रिक्षित अगले महीने अपने भाई की शादी के लिए घर लौटने वाले थे. अब उनके परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है.
रिक्षित ने एक अगस्त को मर्चेंट नेवी में बतौर कैडेट इस रूसी ऑयल टैंकर पर कदम रखा था. उन्होंने अपने घरवालों से वादा किया था कि 15 फरवरी तक लौट आएंगे, लेकिन किसे पता था कि यह सफर उसके परिवार के लिए इतना दर्दनाक इंतजार बन जाएगा. जहाज पर 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक थे. अमेरिकी तट रक्षकों ने इसे आइसलैंड के पास रोक लिया.
मां की पीएम और विदेश मंत्री से गुहार
रिक्षित की मां ने पीएम मोदी से रिक्षित की सुरक्षित वापसी को सुनिश्चित करने की अपील की है. साथ ही उन्होंने बताया कि रिक्षित के भाई की 19 फरवरी की शादी तय हुई है. हमने 7 जनवरी को रिक्षित से आखिरी बार बात की थी और ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि वह उस तारीख से पहले सुरक्षित लौट आए.
साथ ही कहा कि हम प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से अपील करते हैं कि वे रिक्षित के साथ ही गोवा और केरल के दो अन्य लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें, जो उसी जहाज के चालक दल के सदस्य हैं.
आखिरी बार 7 जनवरी को हुई थी बात
रिक्षित के पिता रणजीत सिंह बताते हैं कि बेटे से आखिरी बार 7 जनवरी को भारतीय समयानुसार शाम 5 बजे बात हुई थी. उसने अपने ठीक होने के बारे में बताया था और कहा था कि आगे संपर्क मुश्किल होगा. उनके पिता को 10 जनवरी को पता चला कि जहाज कब्जे में है. अपहरण की पुष्टि होने के बाद परिवार ने प्रदेश और केंद्र सरकार से गुहार लगाई है कि बेटे को सुरक्षित घर लाया जाए.
ढांढस बंधाने गांव पहुंच रहे रिश्तेदार
इस मामले की खबर मिलने के बाद गांव में रिश्तेदार ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं, लेकिन मां की आंखों में सिर्फ एक ही सवाल है कि क्या मेरा बेटा सुरक्षित लौटेगा? यह घटना न सिर्फ एक परिवार की पीड़ा है, बल्कि उन सैकड़ों भारतीयों की चिंता भी है जो रोजी-रोटी के लिए समुद्रों में सफर करते हैं.
अब तक भारत की ऐसी रही है प्रतिक्रिया
इस बीच पालमपुर के विधायक ने रिक्षित के बारे में जानकारी मांगी है और आश्वासन दिया है कि वे शिमला जाकर मुख्यमंत्री से इस मामले पर बात करेंगे.
पिछले सप्ताह विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा था कि भारत घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहा है और "हम तेल टैंकर पर मौजूद भारतीय नागरिकों के बारे में और जानकारी जुटा रहे हैं."
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