इजरायल और हिजबुल्लाह एक बेहद नाजुक युद्धविराम को दोबारा लागू करने पर सहमत हो गए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को खत्म करने के लिए हुए नए समझौते के सामने यह अब तक की सबसे बड़ी और शुरुआती चुनौती थी, जो हिजबुल्लाह के हमले और इजरायल की भीषण जवाबी कार्रवाई के बाद खतरे में पड़ती दिख रही थी.
दरअसल, स्विट्जरलैंड में इस नए समझौते को जमीन पर उतारने के लिए शुक्रवार को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच एक बेहद अहम बैठक होने वाली थी. लेकिन इससे ठीक पहले इजरायल ने दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में हवाई हमलों कर दिए थे. इसमें कम से कम 47 लोगों की मौत हो गई. फिर जवाबी हमले में हिजबुल्लाह ने चार इजरायली सैनिकों को मार दिया. हिंसा के बाद इजरायल और अमेरिका को यह बैठक रद्द करनी पड़ी.
अमेरिका और कतर की मध्यस्थता से थमी जंग
तनाव को कम करने की भारी कूटनीतिक कोशिशों के बाद, शुक्रवार (19 जून) को स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे से इस नए युद्धविराम को लागू कर दिया गया. सूत्रों के मुताबिक, इजरायल और हिजबुल्लाह को दोबारा इस समझौते पर लाने के लिए अमेरिका और कतर ने पर्दे के पीछे से बड़ी मध्यस्थता की है. वहीं, एक अन्य राजनयिक सूत्र ने बताया कि इस समझौते को अमलीजामा पहनाने में वॉशिंगटन और दोहा के साथ-साथ ईरान ने भी अहम भूमिका निभाई है.
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने और क्या कहा?
लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया के ताजा हालात रहे. मार्को रुबियो ने लेबनान की सेना और सुरक्षा बलों सहित वहां की तमाम कानूनी संस्थाओं को मजबूत करने के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता दोहराई.
تلقى رئيس الجمهورية العماد جوزاف عون مساء اليوم اتصالاً هاتفياً من وزير الخارجية الأميركية ماركو روبيو تم خلاله التداول في الأوضاع الراهنة في لبنان والمنطقة في ضوء التطورات الأخيرة.
— Lebanese Presidency (@LBpresidency) June 19, 2026
وخلال الاتصال اكد الوزير روبيو على وقوف الولايات المتحدة الأميركية إلى جانب لبنان والعمل من اجل…
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वॉशिंगटन लेबनान में शांति की बहाली चाहता है, ताकि लेबनानी सरकार अपनी सीमाओं के भीतर हर हिस्से पर अपना नियंत्रण मजबूत कर सके. अमेरिका इसके लिए लेबनानी सेना को हर जरूरी मदद देने के लिए तैयार है.
वाशिंगटन में अगले हफ्ते होने वाली त्रिपक्षीय वार्ता
इस समर्थन के लिए राष्ट्रपति जोसेफ औन ने अमेरिका का आभार जताया, लेकिन साथ ही उन्होंने लेबनानी धरती पर इजरायली सैन्य कार्रवाइयों को पूरी तरह रोकने की जरूरत पर जोर दिया. राष्ट्रपति औन ने स्पष्ट किया कि अगले हफ्ते वॉशिंगटन में होने वाली लेबनान-अमेरिका-इजरायल की त्रिपक्षीय वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए एक पूर्ण और व्यापक युद्धविराम होना बेहद जरूरी है.
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