विज्ञापन

पहाड़ों पर बदल रहा बर्फबारी का पैटर्न! मार्च में बद्रीनाथ से गंगोत्री तक फिर बर्फबारी, वैज्ञानिकों का शोध क्या कहता है?

Uttarakhand Weather News: मार्च 2026 में उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में दूसरी बार बर्फबारी हुई है. बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में Snowfall बढ़ने को वैज्ञानिक Climate Change से जोड़कर देख रहे हैं.

पहाड़ों पर बदल रहा बर्फबारी का पैटर्न! मार्च में बद्रीनाथ से गंगोत्री तक फिर बर्फबारी, वैज्ञानिकों का शोध क्या कहता है?

Uttarakhand Snowfall: उत्तराखंड में एक बार फिर से मौसम ने करवट ली है.  उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है. अभी मार्च का महीना चल रहा है और दूसरी बार है कि उत्तराखंड की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अच्छी खासी बर्फ गिरी है. बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में 19 मार्च 2026 की सुबह बर्फबारी हुई, जिससे एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट आई है. मौसम विभाग ने पहले ही राज्य में बदलाव की संभावना जताई थी.

उत्तराखंड में मार्च के महीने में दूसरी बार गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, औली, हरसिल जैसे कई ऐसे ऊंचाई वाले क्षेत्र हैं जहां पर दूसरी बार बर्फ गिरी है. इसके अलावा उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और बारिश हुई है. कई जगह पर ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है तो तेज हवाओं ने बागवानी फसलों को नुकसान किया है. वैसे तो मौसम विभाग मार्च के महीने में होने वाली बारिश और बर्फबारी को सामान्य घटना बता रहे हैं, लेकिन अक्सर मार्च के महीने में जबरदस्त तापमान बढ़ता रहा है.  

uttarakhand snowfall pattern change march 2026 badrinath kedarnath gangotri weather

uttarakhand snowfall pattern change march 2026 badrinath kedarnath gangotri weather

लोगों को अच्छी खासी गर्मी का एहसास होता रहा है, लेकिन मार्च के महीने में लगातार दो बार मौसम में हुए बदलाव ने लोगों को एक बार फिर से ठंड का एहसास दिला दिया है. यही वजह है कि लोगों ने अपने सर्दियों के कपड़ों को पैक कर रख दिया था. देहरादून में या फिर उत्तराखंड के कई क्षेत्र में लोग अपनी स्वेटर जैकेट दोबारा निकाल कर सड़कों पर घूमते हुए दिख रहे हैं. 

उत्तराखंड में चाहे यमुनोत्री हो या गंगोत्री या फिर बद्रीनाथ या फिर केदारनाथ सब जगह जमकर बर्फबारी हुई है. 19 मार्च 2026 की सुबह से लगातार बर्फबारी जारी है. पिछले कई दिनों से मौसम का यही मिजाज बना हुआ है, जिससे धामों बर्फ की चादर में ढका हुआ है. 
uttarakhand snowfall pattern change march 2026 badrinath kedarnath gangotri weather 

uttarakhand snowfall pattern change march 2026 badrinath kedarnath gangotri weather 

लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब चारों धाम में  यात्रा की तैयारियों पर भी साफ नजर आने लगा है. भारी बर्फ के चलते व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में दिक्कतें सामने आ रही हैं. मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बर्फबारी थमने के आसार कम हैं. जिस तरह से मौसम का रुख बना हुआ है, उससे आने वाले दिनों में भी बर्फबारी जारी रहने की संभावना है. ऐसे में केदारनाथ बद्रीनाथ धाम यमुनोत्री धाम और केदारनाथ धाम की यात्रा की तैयारियों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. 

uttarakhand snowfall pattern change march 2026 badrinath kedarnath gangotri weather

uttarakhand snowfall pattern change march 2026 badrinath kedarnath gangotri weather

उत्तराखंड मौसम: क्‍या है 48 घंटों के लिए अलर्ट?

उत्तराखंड मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के अधिकांश जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है.देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में  बर्फबारी ,बारिश के साथ ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी है. वहीं टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में येलो अलर्ट लागू है. 

उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय

मौसम विभाग केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर का कहना है कि उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. 19 और 20 मार्च को प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है. बिजली गिरने और ओलावृष्टि के भी आसार हैं. 21 मार्च के बाद विक्षोभ कमजोर पड़ेगा. अगले दो दिनों में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा से बचें और सतर्क रहें. 

uttarakhand snowfall pattern change march 2026 badrinath kedarnath gangotri weather

uttarakhand snowfall pattern change march 2026 badrinath kedarnath gangotri weather

वहीं, वैज्ञानिकों का कहना है कि मार्च के महीने में बारिश और बर्फबारी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मिलती थी, लेकिन इस बार पूरे क्षेत्र में बारिश मिल रही है और ऊपरी इलाकों में बर्फबारी जनवरी का महीना ज्यादा कुछ खास नहीं गया था, लेकिन मार्च के महीने में हो रही बर्फबारी से हिमालय के लिए ग्लेशियरों के लिए अच्छी खबर है.  साल 2025 में भी मार्च के महीने से हल्की बारिश और बर्फबारी का सिलसिला लगातार जारी रहा. पिछले साल 2025 में 10 से 15 दिन की ही गर्मी का असर रहा और लगभग लगातार बारिश और बर्फबारी ही रही. 

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर ग्लोबल वार्मिंग का असर जरूर है, क्योंकि लगातार तापमान में वेरिएशन हो रहा है और मौसम में भी वेरिएशन आ रहा है. जो बर्फ और बारिश जनवरी-फरवरी के महीने में मिलनी चाहिए थी, उतनी नहीं मिली है, लेकिन मार्च के महीने में हो रही बारिश और बर्फबारी काफी हद तक जो स्पेल खाली गया था उसको भर रही है.

गर्मियां का सीजन बड़ा व सर्दियों का सीजन छोटा हो रहा

वहीं, वाडिया इंस्टिट्यूट के पूर्व वैज्ञानिक ग्लेशियर एक्सपर्ट डीपी डोभाल मौसम में हो रहे बदलाव पर कहते हैं कि गर्मियां का सीजन बड़ा हो रहा है जबकि सर्दियों का सीजन छोटा हो रहा है. बारिश भी 4000 मीटर तक हो रही है. यह सब बढ़ते तापमान और ग्लोबल वार्मिंग के कारण हो रहा है. डॉ डोभाल के मुताबिक ना तो समय पर गर्मियां हो रही है. ना ही समय पर सर्दियों पड़ रही है. इसकी वजह से सर्दियों में पढ़ने वाली बर्फ ठीक से ऊपरी क्षेत्रों में खासकर ग्लेशियर क्षेत्र में नहीं जम रही है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com