उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान धामी सरकार ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. सरकार के मौजूदा कार्यकाल का यह अंतिम बजट माना जा रहा है. ऐसे में इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हर वर्ग को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
27 अक्टूबर से शुरू हुए दो दिवसीय सत्र के पहले दिन सदन ने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद सरकार ने अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जिसमें ग्रामीण और शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, महिला सशक्तिकरण, कृषि और बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए.
स्थानीय निकायों और किसानों को बड़ी सौगात
सरकार ने छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए स्थानीय निकायों के लिए राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है. इसके लिए 721 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
किसानों के लिए अन्नपूर्ति योजना के तहत धान और गेहूं खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं. किसान पेंशन योजना के लिए 9 करोड़ रुपये और दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष जोर
अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और सरकारी कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज तथा नर्सिंग संस्थानों के विकास के लिए 160 करोड़ रुपये दिए गए हैं.
डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए विद्यालयी और उच्च शिक्षा में 200 करोड़ रुपये रखे गए हैं. छात्रों की छात्रवृत्तियों के लिए 4 करोड़ रुपये तथा नीट, जेईई और क्लैट जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
कुंभ, सड़क और जल परियोजनाओं के लिए बड़ा बजट
आगामी दिव्य कुंभ मेले की तैयारियों और आधारभूत ढांचे के लिए करीब 290 करोड़ रुपये दिए गए हैं. हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं. जल जीवन मिशन के लिए 300 करोड़ रुपये जबकि गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये का प्रावधान हुआ है. पेयजल विभाग की केएफडब्ल्यू परियोजना के लिए 110 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
युवाओं और खिलाड़ियों को मिलेगी मदद
राज्य के खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविरों पर 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. खेल विश्वविद्यालय के लिए 35 करोड़ रुपये और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए 15 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
अन्य प्रमुख प्रावधान
SASCI के तहत अवसंरचना विकास के लिए 500 करोड़ रुपये
ऊर्जा क्षेत्र और खुरपिया फार्म परियोजना के लिए 270 करोड़ रुपये
कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए 93 करोड़ रुपये
आंगनबाड़ी एवं पोषण अभियान के लिए 60 करोड़ रुपये
जोशीमठ और अन्य भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्रों के कार्यों के लिए 48 करोड़ रुपये
स्टेट डेटा सेंटर निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये
पीएमएफएमई योजना के लिए 35 करोड़ रुपये
नंदा राजजात यात्रा के लिए 20 करोड़ रुपये
भोजन माताओं के मानदेय के लिए 20 करोड़ रुपये
पुलिस भवन निर्माण के लिए 55 करोड़ रुपये
न्यायिक आधारभूत संरचना के लिए 22 करोड़ रुपये
कुल मिलाकर धामी सरकार ने अपने अंतिम अनुपूरक बजट में विकास, कल्याण और चुनावी संदेश तीनों को संतुलित करने की कोशिश की है. बजट का फोकस गांव से शहर तक और किसान से युवा तक हर वर्ग को लाभ पहुंचाने पर दिखाई देता है.
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