विज्ञापन

लखनऊ-हरदोई में 1947 करोड़ से मेगा टेक्‍सटाइल पार्क, योगी कैबिनेट ने मास्‍टर डेवलपर को दी मंजूरी, जानिए कैसे मिलेगा रोजगार

योगी कैबिनेट ने लखनऊ-हरदोई में 1,947 करोड़ रुपये के पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर चयन को मंजूरी दी. परियोजना से करीब 1 लाख रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है.

लखनऊ-हरदोई में 1947 करोड़ से मेगा टेक्‍सटाइल पार्क, योगी कैबिनेट ने मास्‍टर डेवलपर को दी मंजूरी, जानिए कैसे मिलेगा रोजगार
लखनऊ-हरदोई में 1,000 एकड़ का पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर चुनी गई
Source: NDTV Graphics/Canva

उत्तर प्रदेश में कपड़ा और गारमेंट इंडस्‍ट्री को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ में मेगा टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जाएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में इस परियोजना के मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी दी गई. बताया गया है कि इसके लिए रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को प्रेफर्ड बिडर चुना गया है.

करीब 1,947 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना से लगभग 1 लाख कुशल और अकुशल युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है. पार्क में कपड़ा निर्माण, गारमेंटिंग, फैशन टेक्नोलॉजी और निर्यात से जुड़ी इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी.

1,000 एकड़ में बनेगा PM-मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क

इस परियोजना का पूरा नाम 'पीएम मित्र मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल पार्क' है. इसे केंद्र सरकार की पीएम मित्र योजना के तहत विकसित किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक, ये पार्क देश में घोषित सात मेगा टेक्सटाइल पार्कों में शामिल है.

परियोजना के लिए 1,000 एकड़ यानी करीब 404.69 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई गई है. उत्तर प्रदेश सरकार ने ये जमीन संबंधित विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) को 99 साल की लीज पर एक रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की टोकन दर से दी है.

राज्य के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान के मुताबिक, इस पार्क से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश के नए अवसर खुलने की उम्मीद है. इससे स्थानीय बुनकरों, कपड़ा निर्माताओं, परिधान उद्योग और निर्यातकों को भी फायदा मिल सकता है.

1,947 करोड़ में से 500 करोड़ देगी केंद्र सरकार  

परियोजना की अनुमानित लागत 1,947 करोड़ रुपये है. राज्य सरकार के अनुसार, केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए लागत का 30% तक, अधिकतम 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देगी.

पार्क का विकास और संचालन 'पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड' नाम की विशेष प्रयोजन कंपनी के जरिए किया जाएगा. इसमें उत्तर प्रदेश सरकार की 51% और केंद्र सरकार की 49% हिस्सेदारी है.

मास्टर डेवलपर का चयन तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद किया गया है. सरकार के मुताबिक, इसके लिए देश के आठ प्रमुख महानगरों में राष्ट्रीय स्तर पर निविदा आमंत्रित की गई थी. प्राप्त एकमात्र बोली के मूल्यांकन के बाद रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को प्रेफर्ड बिडर चुना गया.

50 साल की रियायत अवधि में होगा विकास

पार्क को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विकसित किया जाएगा. इसके लिए डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण यानी डीबीएफओटी मॉडल अपनाया जाएगा.

परियोजना की कुल रियायत अवधि 50 साल होगी, जिसमें पांच साल का निर्माण काल भी शामिल है. इस दौरान मास्टर डेवलपर पार्क के अंदर जरूरी औद्योगिक ढांचा और सुविधाएं विकसित करेगा.

फैक्ट्री शेड से लेकर लॉजिस्टिक्स हब तक की सुविधा

पीएम मित्र पार्क में कपड़ा और परिधान उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई तरह की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इनमें शामिल हैं:

  • रेडी-टू-यूज फैक्ट्री शेड:कंपनियां तैयार औद्योगिक जगह का इस्तेमाल कर अपनी इकाइयां शुरू कर सकेंगी.
  • सड़क और बिजली:पार्क तक छह लेन की सड़क कनेक्टिविटी और 24 घंटे बिजली आपूर्ति की बाहरी व्यवस्था की जाएगी.
  • पानी और औद्योगिक नेटवर्क:जलापूर्ति, आंतरिक सड़कें और बिजली वितरण नेटवर्क विकसित होगा.
  • कॉमन बॉयलर और इनक्यूबेशन सेंटर:औद्योगिक इकाइयों को साझा सुविधाएं और नए कारोबार को बढ़ावा देने के लिए सहायता मिलेगी.
  • वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स हब:सामान के भंडारण, परिवहन और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने की व्यवस्था होगी.
  • कौशल विकास संस्थान:उद्योगों की जरूरत के मुताबिक श्रमिकों को प्रशिक्षण देने की सुविधा विकसित की जाएगी.

टेक्सटाइल उद्योग में पानी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है. ऐसे में पार्क में पर्यावरण संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा.

इस व्यवस्था का उद्देश्य औद्योगिक अपशिष्ट जल का शोधन और पुनर्चक्रण करना है, ताकि बिना उपचारित पानी को बाहर छोड़ने से बचा जा सके.

इसके अलावा, श्रमिकों के लिए आवासीय परिसर, सुरक्षित हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र और दूसरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. महिला कामगारों के लिए सुरक्षित आवास की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा.

उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल उद्योग का कायाकल्‍प 

इस पार्क का मकसद कपड़ा उद्योग की अलग-अलग गतिविधियों को एक ही जगह पर लाना है. इससे कच्चे माल से लेकर कपड़ा निर्माण, गारमेंट उत्पादन, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स तक की गतिविधियों को एकीकृत ढांचे में विकसित करने का अवसर मिल सकता है. सरकार को उम्मीद है कि इससे निजी निवेश बढ़ेगा और करीब 1 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे. 

यह भी पढ़ें | गन्ने से बनेगा प्लास्टिक, बलरामपुर पहुंचा 240 पहियों वाला बाहुबली ट्रक, 3000 करोड़ का प्लांट कब होगा चालू

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
CM Yogi Cabinet, Yogi Cabinet Meeting, Mega Textile Parks, Mega Textile Clusters, Infrastructure News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com