हरिद्वार की पवित्र धरती पर उस समय अलग ही नजारा देखने को मिला, जब दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जूमा ने मां काली के दरबार में माथा टेका. उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने आगामी चुनावों में जीत की कामना की. आध्यात्मिक आस्था और राजनीतिक उम्मीदों के इस अनूठे संगम ने हरिद्वार में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा.
हरिद्वार पहुंचकर मां काली के दर्शन
भारत दौरे पर आए दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा हरिद्वार पहुंचे. यहां उन्होंने प्रसिद्ध सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में दर्शन किए. मंदिर परिसर में उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की.
चुनावी सफलता के लिए मांगी दुआ
जैकब जूमा ने मां दक्षिण काली के सामने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने राजनीतिक भविष्य के लिए आशीर्वाद मांगा. उन्होंने अपने देश दक्षिण अफ्रीका की खुशहाली और शांति की कामना भी की. उनके इस कदम को आस्था और राजनीति के मेल के रूप में देखा जा रहा है.
मंदिर में पूजा के बाद जूमा ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी से मुलाकात की. उन्होंने उनसे आशीर्वाद लिया और कुछ समय तक बातचीत भी की. इस मुलाकात को उन्होंने अपनी यात्रा का खास अनुभव बताया.
हरिद्वार की आध्यात्मिकता से प्रभावित
मीडिया से बातचीत में जैकब ज़ूमा ने हरिद्वार की आध्यात्मिक ऊर्जा की तारीफ की. उन्होंने कहा कि उनके एक करीबी मित्र ने उन्हें इस पवित्र स्थान के बारे में बताया था, जिसके बाद उन्होंने यहां आने का फैसला किया. उन्होंने यह भी बताया कि वह पहले कई बार भारत आ चुके हैं, लेकिन हरिद्वार उनका पहला दौरा है.
चुनाव लड़ने के लिए मिला नया आत्मविश्वास
ज़ूमा ने कहा कि यहां आकर उन्हें खास सुकून और नई ऊर्जा महसूस हुई है. उन्होंने कहा कि वे आने वाले चुनाव लड़ रहे हैं और ऐसे में संतों का आशीर्वाद उन्हें आत्मविश्वास देता है. उन्होंने इस यात्रा को अपने राजनीतिक सफर के लिए सकारात्मक बताया.
फिर राष्ट्रपति बनने का लक्ष्य
मंदिर के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने बताया कि जैकब ज़ूमा दक्षिण अफ्रीका के एक प्रमुख राजनीतिक दल के अध्यक्ष हैं और वहां विपक्ष की अहम भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ज़ूमा का लक्ष्य एक बार फिर अपने देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचना है. स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि राजनीति में सफलता के लिए जनता का समर्थन जरूरी है, लेकिन आस्था और सकारात्मक सोच भी उतनी ही अहम होती है.
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