विश्वविद्यालय अनुदान आयोग–राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET ) भारत की एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा है, जिसे NTA करवाता है. इस परीक्षा के जरिए असिस्टेंट प्रोफेसर, JRF (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) और PhD में एडमिशन के लिए पात्रता तय होती है. UGC-NET में कुल 2 पेपर होते हैं. देश के कई बड़े कॉलेजों जैसे JNU, DU और BHU में PhD में एडमिशन के लिए UGC- NET को पास करना होता है. हालांकि दाखिले के लिए कोई फिक्ड कटऑफ नहीं होती है. विषय, कैटेगरी और सीटों के अनुसार कटऑफ निकाली जाती है, जो कि बदलती रहती है. इसके अलावा कॉलेज की ओर से लिए जाने वाले इंटरव्यू को भी पास करना होता है.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU)
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से जो छात्र PhD करना चाहते हैं, उन्हें UGC- NET को पास करना होता है. कई कोर्स में दाखिले के समय UGC-NET स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को शॉटलिस्ट किया जाता है. जिन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है. UGC- NET उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलती है.
दिल्ली विश्वविद्यालय
UGC- NET एग्जाम पास करने पर दिल्ली विश्वविद्यालय के PhD कोर्स में दाखिला मिलने में आसानी होती है. ऐसे उम्मीदवार को दाखिले के लिए लिखित प्रवेश परीक्षा नहीं देने होती है और interview के जरिए ही दाखिला मिल जाता है. दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में Ph.D. में एडमिशन लेने के लिए मास्टर डिग्री होनी चाहिए. जिसमें कम से कम 55% मार्क्स आए हों. या फिर M.Phil., M.Tech. या इसके बराबर कोई प्रोफेशनल डिग्री हो. इसके अलावा, एक वैलिड नेशनल एग्जाम स्कोर जैसे UGC-NET होना चाहिए. इतना ही नहीं डिपार्टमेंट का इंटरव्यू भी पास करना होता है. यानी दाखिला केवल UGC- NET एग्जाम आधार पर नहीं मिलता है.
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में कई नेशनल स्टैंडर्डाइज्ड टेस्ट के जरिए दाखिला मिलता है. UGC- NET, CSIR-NET, या JRF टेस्ट पास करने वालों को डिपार्टमेंटल इंटरव्यू से भी गुजरना होता है. इसके अलावा कैंडिडेट के पास कम से कम 55% मार्क्स के साथ मास्टर डिग्री होनी चाहिए.
आप देश के बड़े कॉलेजों में केवल UGC- NET के आधार पर दाखिला नहीं पा सकते हैं.
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