पहली बार रामनगर और देहरादून के बीच सीधी एक्सप्रेस ट्रेन की शुरूआत की गई है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार (18 जुलाई) को वर्चुअल माध्यम से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है. इस ट्रेन को लेकर सरकार ने बताया है कि इस ट्रेन की मांग लंबे समय से क्षेत्र के लोग कर रहे थे. अब इसकी शुरूआत हो गई है. इससे उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन के जरिए यात्रियों को देहरादून और हरिद्वार के लिए एक ही दिन में आने जाने की सुविधा मिलेगी.
हरिद्वार से देहरादून काफी संख्या में लोग सफर करते हैं. इससे लोग सरकारी काम, शिक्षा, कारोबार और व्यक्तिगत कार्य पूरे करके उसी दिन अपने घर लौट सकेंगे.
आसान होगी चारधाम यात्रा
रामनगर-देहरादून ट्रेन यात्रियों को हरिद्वार और देहरादून से आगे की कनेक्टिविटी की भी सुविधा पहुंचाएगी. इसके जरिए चार धाम यात्रा-बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री-तक पहुंचने में भी अधिक सुविधा प्रदान करेगी.
नई रफ्तार, नए सफ़र की शुरुआत!
— Northern Railway (@RailwayNorthern) July 18, 2026
रामनगर–देहरादून एक्सप्रेस अपनी पहली ऐतिहासिक यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है। यह नई रेल सेवा उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच बेहतर, तेज़ और अधिक सुगम रेल संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।#RailInfra4Uttarakhand… pic.twitter.com/VUGuOspxm4
रामनगर-देहरादून ट्रेन का पूरा शेड्यूल और स्टोपेज
ट्रेन संख्या 15310 प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को चलेगी, जो सुबह 5:50 बजे रामनगर से रवाना होकर दोपहर 12:40 बजे देहरादून पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 15309 दोपहर 3:55 बजे देहरादून से रवाना होगी और रात 11:30 बजे रामनगर पहुंचेगी. रास्ते में ट्रेन का ठहराव काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार स्टेशनों पर होगा. इस ट्रेन में एसी सेकेंड क्लास, एसी थर्ड क्लास, एसी चेयर कार, स्लीपर क्लास, सेकेंड सिटिंग और जनरल सेकेंड क्लास कोच लगाए गए हैं, जिससे विभिन्न श्रेणियों के यात्रियों को आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा.
सरकार के अनुसार, इस ट्रेन के संचालन से जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, गिरिजा देवी मंदिर तथा सीतामढ़ी (सीतावनी) जैसे प्राचीन धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ऋषिकेश रेलवे स्टेशन को फीडर स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि हरिद्वार स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम किया जा सके. उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और अतिरिक्त क्षमता विकसित करने के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है.
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