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तिरंगा, बैंड, कैप, बैज और बहुत कुछ... 15 अगस्त पर 10,000 रुपये लगाएं और 50 हजार से एक लाख तक कमाएं 

15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के सदर बाजार से बेहद कम बजट यानी मात्र 500 से 5,000 रुपये में तिरंगा और इंडिपेंडेंस डे एक्सेसरीज खरीद कर एक बेहतरीन पार्ट टाइम बिजनेस शुरू किया जा सकता है.जानिए होलसेल मार्केट, मुख्य प्रोडक्ट्स और फ्लैग कोड के नियमों की पूरी जानकारी.

तिरंगा, बैंड, कैप, बैज और बहुत कुछ... 15 अगस्त पर 10,000 रुपये लगाएं और 50 हजार से एक लाख तक कमाएं 
15 अगस्त पर शुरू करें तिरंगे का बिजनेस: मात्र 500 रुपये की लागत में सदर बाजार से लाएं ये सामान, होगी बंपर कमाई
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  • स्वतंत्रता दिवस के दौरान तिरंगे से जुड़े उत्पादों की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे व्यापार का अवसर बनता है.
  • दिल्ली के सदर बाजार में स्वतंत्रता दिवस के सामान होलसेल रेट पर मिलते हैं, जो रिटेल में ज्यादा मुनाफा देते हैं.
  • इस व्यवसाय को कम बजट से शुरू किया जा सकता है, जिसमें 500 से 10,000 रुपये के निवेश से भी अच्छा मुनाफा संभव है.

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त का राष्ट्रीय पर्व देशभक्ति के साथ-साथ एक बेहतरीन बिजनेस का मौका भी लेकर आता है. केंद्र सरकार के हर घर तिरंगा अभियान के चलते अगस्त महीने में राष्ट्रीय ध्वज, तिरंगे बैज, डेकोरेशन आइटम्स और एक्सेसरीज की मांग अचानक कई गुना बढ़ जाती है.

ऐसे में अगर आप स्वतंत्रता दिवस से पहले कम बजट में एक छोटा बिजनेस शुरू करके अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो दिल्ली का सदर बाजार (Sadar Bazar) इसके लिए सबसे मुफीद केंद्र है, जहां से आप होलसेल प्राइज पर सस्ते में सामान खरीद कर 5-10 गुना ज्यादा कीमत पर रिटेल में बेचकर मोटा मुनाफा कमा सकते हैं. यह बिजनेस छात्रों और उन बेरोजगारों के लिए बहुत ही अच्छा है, जिनके पास पूंजी की कमी है. दरअसल, इस बिजनेस के लिए जरिए बहुत कम समय में आप अपनी पूंजी को कई गुना बढ़कर बाद में कुछ बड़ा काम भी शुरू कर सकते हैं. नीचे बताए गए तरीके को अपना कर आप इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं. 

होलसेल मार्केट से माल खरीदें

दिल्ली के सदर बाजार में स्थित किनारी बाजार, लाल कुआं बाजार, गुब्बारे वाली गली और तिलक प्लाजा के पास स्थित बर्तन मार्केट में स्वतंत्रता दिवस से जुड़े सामान होलसेल रेट पर सबसे सस्ता मिलता है. यहां आप सीधे निर्माताओं या बड़े डीलरों से खरीदारी कर सकते हैं.

500 से लेकर 10000 रुपये में शुरू कर सकते हैं काम

इस काम को शुरू करने के लिए बड़े बजट की जरूरत नहीं होती. लिहाजा, इस बिजनेस को शुरू करने के लिए छोटा बजट यानी 500 से लेकर 2,000 रुपये रीसेलिंग, स्टॉल लगाने या हाथ से बेचने के लिए काफी है. वहीं, अगर आप कुछ बड़ा बजट है तो 5,000  से लेकर 10,000 रुपये का सामान लेकर स्कूलों, सोसायटियों और ऑफिसों को सप्लाई करने के लिए सही रहेगा.

टारगेट कस्टमर्स तक पहुंचें

स्वतंत्रता दिवस से पहले ही तिरंगे से जुड़े उत्पादों की मांग शुरू हो जाती है. ऐसे में आप अपने माल को स्थानीय स्कूलों, सरकारी व प्राइवेट दफ्तरों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWAs) और गली-मोहल्ले की खुदरा दुकानों पर सप्लाई कर सकते हैं.

अपने बिजनेस में इन सामानों को कर सकते हैं शामिल

राष्ट्रीय ध्वज 

कागज के छोटे झंडे, जो रैलियों और बच्चों के लिए सबसे ज्यादा मांग में रहते हैं. इनकी थोक कीमत मात्र 50 पैसे प्रति पीस से शुरू होती है और ये खुदरा बाजार में 5 रुपये का आसानी से बिक जाता है. यानी सीधे-सीधे 10 गुने का फायदा होता. इसी तरह कपड़े व पॉलिएस्टर के 3:2 अनुपात वाले झंडे, जो गाड़ियों, घरों और ऑफिसों में इस्तेमाल किए जाते हैं वह  2.20 से 2.50 रुपये प्रति पीस की शुरुआती थोक दर पर मिल जाते हैं. जो बाजार में 10-20 रुपये पीस की दर से बिकते हैं. यानी सीधे-सीधे 5-10 गुना का फायदा होता है. 

वियरेबल्स और बैज 

बाहर खुदरा बाजार में 30 से 50 रुपये में बिकने वाले फैंसी तिरंगा बैज सदर बाजार में 2 से 5 रुपये में मिलते हैं. वहीं, मेटल व प्लास्टिक पिन वाले बैज का 60-120 पीस का पैकेट 60 से 150 रुपये में आता है, यानी लगभग 1 प्रति पीस की लागत आती है. इसी तरह हाथों में पहनने वाले रबर या कपड़े के तिरंगे बैंड और गले के पटके युवाओं और स्कूली बच्चों के बीच काफी पॉपुलर हैं.

तिरंगा कैप और सियर बैंड

बच्चे-बच्चियों में तिरंगा कैप और हेयर बैंड का बहुत ही क्रेज होता है. 15-25 रुपये में मिलने वाला ये कैप आसानी 50-75 रुपये में बिक जाते हैं, यानी दो गुना से तीन गुना तक का इसमें मुनाफा होता है. इसी तरह से 10-14 रुपये में मिलने वाला हेयर बैंड 50 रुपये में आसानी से बिक जाता है.

डेकोरेशन और स्टेशनरी आइटम्स

  • डैशबोर्ड फ्लैग: कार डैशबोर्ड और ऑफिस टेबल के लिए स्टैंड वाले छोटे झंडे.
  • तिरंगा गुब्बारे: स्कूलों और सोसायटियों की सजावट के लिए केसरिया, सफेद और हरे गुब्बारों के कॉम्बो पैकेट.
  • झंडियों की लड़ी : दुकानों और घरों को सजाने के लिए कागज या कपड़े की लंबी तिरंगी लड़ियां.

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फ्लैग कोड के नियमों का ध्यान रखें

तिरंगा सीधे-सीधे राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा मामला है. ऐसे में तिरंगे से जुड़े धंधे को करते वक्त कुछ बातों को ध्यान रखना बेहद जरूरी है. नियम के अनुसार झंडे की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात हमेशा 3:2 होना चाहिए. 

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