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This Article is From Feb 11, 2026

संभल हिंसा मामले में सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क को मिलेगी राहत? इलाहाबाद HC करेगा सुनवाई

सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क और जामा मस्जिद के सदर जफर अली की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी.कोर्ट ने दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट की प्रोसिडिंग पर अंतरिम रोक लगा रखी है.

संभल हिंसा मामले में सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क को मिलेगी राहत? इलाहाबाद HC करेगा सुनवाई
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट संभल जामा मस्जिद हिंसा मामले में सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क वाले मामले पर सुनाएगा फैसला
  • सांसद जिया उर रहमान बर्क ने संभल की स्पेशल कोर्ट में चल रही चार्जशीट और संज्ञान आदेश को चुनौती दी है
  • जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में सपा सांसद और सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी
प्रयागराज:

यूपी के संभल की जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क और जामा मस्जिद के सदर जफर अली की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी.कोर्ट ने दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट की प्रोसिडिंग पर अंतरिम रोक लगा रखी है.जियारत रहमान और जफर अली को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली हुई है.

कोर्ट ने दी थी अंतरिम राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 8 अगस्त 2025 को संभल के सांसद जियाउर रहमान बर्क को अंतरिम राहत दी थी. हाईकोर्ट ने संभल के स्पेशल जज एमपी/एमएलए कोर्ट में चल रही लंबित आगे की कार्यवाही पर भी रोक लगा दी थी.सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क की तरफ से कोर्ट में पूर्व अपर महाधिवक्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह,अधिवक्ता विनीत विक्रम और सैय्यद इकबाल अहमद पक्ष रख रखेंगे,वहीं राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और एजीए रूपक चौबे पक्ष रखेंगे. 

क्या था मामला?

सांसद जिया उर रहमान बर्क ने संभल के स्पेशल जज (एमपी एमएलए)/सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट में चल रही पूरी कार्यवाई को रद्द करने कि कोर्ट से मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. 24 नवंबर 2024 को संभल स्थित जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी.इस मामले में एसआई दीपक राठी ने एफआईआर दर्ज कराई थी.

संभल हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी सांसद जिया उर रहमान,सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत सैकड़ों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी.सभी के खिलाफ एफआईआर नंबर 335/2024 में बीएनएस की धारा 61(2)(ए), 191(2), 191(3), 190, 221, 132, 125, 324(5), 223(बी), 326(एफ), 353(2) और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण एक्ट की धारा 3 और 4 में एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि जांच के दौरान सह-आरोपी सुहैल इकबाल का नाम जांच के बाद निकाला जा चुका है.

सपा सांसद ने की थी ये मांग 

सांसद जिया उर रहमान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अपने खिलाफ दर्ज हुए केस में संभल के स्पेशल जज (एमपी/एमएलए)/सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में 12 जून 2025 को दाखिल चार्जशीट और 18 जून 2025 को संभल कोर्ट की ओर से पारित संज्ञान आदेश को चुनौती देते हुए कोर्ट में चल रही पूरी कार्यवाही को रद्द करने कि मांग की है. जिया उर रहमान बर्क ने हाईकोर्ट से प्रार्थना कि की है कि आवेदन के लंबित रहने के दौरान तक उनके खिलाफ हिंसा मामले में दर्ज हुई एफआईआर में संभल कोर्ट में दाखिल चार्जशीट और पारित संज्ञान आदेश पर आगे की कार्यवाई पर रोक लगाई जाए. 

याचिका में कोई अन्य आदेश या निर्देश पारित किए जाने कि भी हाईकोर्ट से मांग की गई है. वहीं इस मामले में संभल जामा मस्जिद कमेटी के चेयरमैन जफर अली ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.15 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट ने जफर अली के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में चल रही आगे किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट ने जफर अली की याचिका को संभल सांसद जिया उर रहमान की याचिका के साथ जोड़ दिया है.अब दोनों की याचिका पर एक साथ सुनवाई चल रही है.

जामा मस्जिद के जफर अली ने संभल हिंसा के मामले में ट्रायल कोर्ट में पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट को चुनौती दी है.जफर अली ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट से चार्जशीट को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है.24 जुलाई 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जफर अली को जमानत दे दी थी.हाईकोर्ट में दलील दी गई थी कि 24 नवंबर 2024 को दर्ज एफआईआर नंबर 335/2024 में जफर अली का नाम शामिल नहीं था.

पुलिस की विवेचना के दौरान संभल जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उनको 23 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.संभल हिंसा मामले में विवेचना के बाद जफर अली को भी आरोपी बनाया गया था.दोनों याचिकाओं में राज्य सरकार और एसआई दीपक राठी को प्रतिवादी बनाया गया है.जफर अली की तरफ से कोर्ट में सीनियर अधिवक्ता कमल कृष्ण और इरशाद अहमद पक्ष रख रहे हैं.जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच मामले में सुनवाई करेगी.
 

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