- उत्तर प्रदेश में भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शनिवार तक लगभग पूरी हो जाएगी.
- नामांकन की प्रक्रिया 13 दिसंबर को दोपहर दो से तीन बजे तक होगी और शाम पांच बजे नामांकन वापसी का समय है.
- केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है.
देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश पर एक बार फिर सियासी नजरें टिकी हैं. वजह साफ है, राज्य में भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष का फैसला अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है. दिल्ली से लखनऊ तक लंबे मंथन के बाद शनिवार, 13 दिसंबर को तस्वीर लगभग साफ हो जाएगी, जबकि औपचारिक ऐलान रविवार 14 दिसंबर को होना है.
शनिवार तक साफ होगी तस्वीर
उत्तर प्रदेश BJP में पिछले करीब डेढ़ साल से नए अध्यक्ष का इंतजार चल रहा है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक शनिवार शाम तक यह तय हो जाएगा कि संगठन की कमान किसे सौंपी जा रही है. जिसे भी प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा, उसके लिए लखनऊ में भव्य स्वागत की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. पार्टी मुख्यालय से लेकर प्रमुख चौराहों तक सजावट की जा रही है.
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नामांकन और चुनाव की पूरी टाइमलाइन
भाजपा प्रदेश मुख्यालय से जारी कार्यक्रम के अनुसार:
13 दिसंबर (शनिवार)
- दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक नामांकन
- शाम 5 बजे तक नामांकन वापसी
- इस दौरान राष्ट्रीय महामंत्री और केंद्रीय पर्यवेक्षक विनोद तावड़े मौजूद रहेंगे.
14 दिसंबर (रविवार)
- केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल निर्वाचन प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे.
- यदि एक से अधिक नामांकन हुए तो मतदान होगा.
- अन्यथा नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी.
- ऐलान डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में होगा
पार्टी सूत्रों का कहना है कि परिस्थितियां एक ही नामांकन की ओर इशारा कर रही हैं, ऐसे में चुनाव की नौबत आने की संभावना बेहद कम है.
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पंकज चौधरी का नाम सबसे आगे
इस बीच सबसे मजबूत दावेदार के तौर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और महाराजगंज से सातवीं बार सांसद पंकज चौधरी का नाम सामने आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक वे शनिवार को नामांकन दाखिल कर सकते हैं. पंकज चौधरी OBC समाज से आते हैं और संगठन व सरकार दोनों में संतुलन बैठाने वाला चेहरा माने जाते हैं.
क्या होगा सरप्राइज?
हालांकि सस्पेंस अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी आखिरी वक्त पर किसी हैवीवेट नेता को भी जिम्मेदारी सौंप सकती है. चर्चा यह भी है कि क्या पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की वापसी हो सकती है, जिनके कार्यकाल में ही 2017 में बीजेपी ने यूपी की सत्ता में जोरदार वापसी की थी.
और भी कई नाम चर्चा में
सूत्रों के मुताबिक अध्यक्ष पद की रेस में इन नामों की भी चर्चा है:
केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति
केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा
दलित नेता विद्यासागर सोनकर
पूर्व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा
निरंजन ज्योति की हालिया जेपी नड्डा से मुलाकात ने अटकलों को और हवा दी है.
खरमास से पहले फैसला जरूरी
16 दिसंबर से खरमास शुरू हो रहा है, जिसे भारतीय परंपरा में नई शुरुआत के लिए शुभ नहीं माना जाता. इसी वजह से BJP नेतृत्व अब किसी भी हाल में शनिवार तक फैसला लेने के मूड में है.
13 दिसंबर को नामांकन और 14 दिसंबर को ऐलान
यूपी BJP को आखिरकार नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने जा रहा है. सवाल सिर्फ इतना है कि नाम वही होगा जिसकी चर्चा है, या फिर बीजेपी एक बार फिर सबको चौंकाएगी?
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