- उत्तर प्रदेश के बरेली का मामला
- UP प्रशासन का अमानवीय चेहरा
- सामने आया घटना का वीडियो
दुनियाभर के 180 से ज्यादा देशों में एक ओर कोरोना वायरस (Coronavirus) का खतरा मंडरा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर संवेदनहीनता से जुड़ी खबरें भी खूब देखने और सुनने को मिल रही हैं. प्रशासन के अमानवीय चेहरे का ताजा मामला उत्तर प्रदेश के बरेली से सामने आया है. यहां कर्मचारियों ने दूसरी जगहों से आए बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को सैनिटाइज करने का अनोखा तरीका ईजाद किया है. सभी को जमीन पर बैठाकर उनको डिसइंफेक्ट किया जा रहा है. इसका एक वीडियो सामने आया है. वीडियो वायरल होते ही जिलाधिकारी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
INHUMAN:-Bareilly UP.
— Saurabh shukla (@Saurabh_Unmute) March 30, 2020
UP प्रशासन का अमानवीय चेहरा
बरेली ज़िले में दिल्ली, हरियाणा,नोएडा से आए सैकड़ों मज़दूरों और बच्चों को ज़मीन पर बैठा कर उनके ऊपर Disinfectant का छिड़काव किया गया,जिसके बाद बहुत सारे बच्चों ने अपनी आंखों में जलन की शिकायत की..via @Benarasiyaa pic.twitter.com/Hp1dqoN0x6
मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश प्रशासन का अमानवीय चेहरा बरेली जिले में देखने को मिला, जहां दिल्ली, हरियाणा, नोएडा से आए सैकड़ों मजदूरों, महिलाओं और छोटे बच्चों को जमीन पर बैठाकर उनके ऊपर डिसइंफेक्ट दवाई का छिड़काव किया गया. जिसके बाद बहुत सारे बच्चों ने अपनी आंखों में जलन की शिकायत की. इनके ऊपर डिसइंफेक्ट का छिड़काव कर इन्हें अपने घर भेज दिया गया. आंखों में जलन की शिकायत के बावजूद किसी को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया.
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इस अमानवीय घटना पर बरेली के जिलाधिकारी ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्वीट किया, 'इस वीडियो की पड़ताल की गई, प्रभावित लोगों का सीएमओ के निर्देशन में उपचार किया जा रहा है. बरेली नगर निगम एवं फायर ब्रिगेड की टीम को बसों को सैनेटाइज़ करने के निर्देश थे, पर अति सक्रियता के चलते उन्होंने ऐसा कर दिया. सम्बंधित के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.'
2. बेहतर होता कि केन्द्र सरकार राज्यों का बाॅर्डर सील करके हजारों प्रवासी मजदूरों के परिवारों को बेआसरा व बेसहारा भूखा-प्यासा छोड़ देने के बजाए दो-चार विशेष ट्रेनें चलाकर इन्हें इनके घर तक जाने की मजबूरी को थोड़ा आसान कर देती।
— Mayawati (@Mayawati) March 30, 2020
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने इसकी निंदा की है. उन्होंने ट्वीट किया, 'देश में जारी जबर्दस्त लॉकडाउन के दौरान जनउपेक्षा व जुल्म-ज्यादती की अनेकों तस्वीरें मीडिया में आम हैं परन्तु प्रवासी मजदूरों पर यूपी के बरेली में कीटनााशक दवा का छिड़काव करके उन्हें दण्डित करना क्रूरता व अमानीवयता है जिसकी जितनी भी निन्दा की जाए कम है. सरकार तुरन्त ध्यान दे. बेहतर होता कि केन्द्र सरकार राज्यों का बॉर्डर सील करके हजारों प्रवासी मजदूरों के परिवारों को बेआसरा व बेसहारा भूखा-प्यासा छोड़ देने के बजाए दो-चार विशेष ट्रेनें चलाकर इन्हें इनके घर तक जाने की मजबूरी को थोड़ा आसान कर देती.'
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