बांदा से सटे फतेहपुर जिले के बिंदकी क्षेत्र में तलाक-ए-बिद्दत रोधी विधेयक के संसद में पारित होने का जश्न मना रही एक मुस्लिम महिला को उसके शौहर ने कथित रूप से ‘तीन तलाक' कह कर घर से बाहर निकाल दिया. पुलिस सूत्रों ने इस सिलसिले में दर्ज रिपोर्ट के हवाले से बताया कि बिंदकी थाना क्षेत्र के जिगनी गांव में रहने वाली मुफ़ीदा ख़ातून को राज्यसभा में तीन तलाक विधेयक पास होने का जश्न मनाने पर उसके शौहर शम्सुद्दीन ने दो अगस्त को 'तीन तलाक' कह कर घर से निकाल दिया. उन्होंने बताया कि मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया है कि शम्सुद्दीन ने मुफ़ीदा के मायके पहुंच कर उसके मां-बाप के सामने तीन बार तलाक कहा. सूत्रों ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर शम्सुद्दीन के खिलाफ तीन अगस्त को मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है.
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) ने तीन तलाक बिल (Triple Talaq bill) को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के साथ की तीन तलाक कानून अस्तित्व में आ गया है. यह कानून 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा. बता दें कि तीन तलाक बिल (Triple Talaq bill) संसद के दोनों सदनों से पहले ही पास हो चुका है. मोदी सरकार ने इस बिल को 25 जुलाई को लोकसभा में और 30 जुलाई को राज्यसभा में पास करवाया था. बिल के कानून बनने के बाद 19 सितंबर 2018 के बाद जितने भी मामले में तीन तलाक से संबंधित आए हैं, उन सभी का निपटारा इसी कानून के तहत किया जाएगा.
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राज्यसभा में बिल के समर्थन में 99, जबकि विरोध में 84 वोट पड़े थे. इससे पहले विपक्ष की बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग भी सदन में गिर गई थी. वोटिंग के दौरान बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने के पक्ष में 84, जबकि विरोध में 100 वोट पड़े थे. राज्यसभा से तीन तलाक बिल पास होने के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसे ऐतिहासिक दिन बताया था.
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