- मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बसपा में सभी जिम्मेदारियों से फिलहाल दूर रखने का निर्णय लिया है
- निषाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है
- डॉ. संजय निषाद ने आकाश आनंद को उनकी पसंद के पद और सम्मान का आश्वासन देते हुए सोच-समझकर फैसला लेने को कहा है
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को फिलहाल पार्टी में सभी जिम्मेदारियों से दूर रखने का फैसला किया है. जिसके बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति फिर से गर्माती नजर आ रही है. इसी बीच यूपी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने आकाश आनंद को अपनी पार्टी में शामिल होने का खुला प्रस्ताव दिया है. उनका कहना है कि आकाश आनंद अगर निषाद पार्टी में आते हैं तो उन्हें उनकी पसंद का पद और पूरा सम्मान दिया जाएगा. उन्होंने आकाश आनंद से सोच-समझकर फैसला लेने की बात कही है. बता दें कि संजय निषाद की पार्टी बीजेपी के साथ गठबंधन में है.
हम मिलकर काम करेंगे:संजय निषाद
संजय निषाद ने कहा 'मैं आकाश आनंद से गुजारिश करना चाहता हूं कि वे सोच-समझकर फैसला लें. एक कहावत है, जिधर जवानी चलती है, उधर जमाना चलता है. निषाद समुदाय की कोशिशों के पीछे यही सोच है. देश की 90 प्रतिशत आबादी उन समुदायों से आती है जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से अभाव का सामना किया है. उन्होंने कहा हजारों सालों से यह सोच रही है कि गरीब कमाएगा और अमीर उसका उपभोग करेगा, लेकिन संवैधानिक व्यवस्था में ऐसा नहीं है. सब लोग मिलकर कमाएंगे और सरकार के पैसे से गरीब, निचले पायदान के लोगों को विकास की धारा में लाया जाएगा, पढ़ाया-लिखाया जाएगा.'
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आकाश एक बार फिर जमीन पर, यूपी चुनाव से पहले मायावती का बड़ा फैसला, इमरान मसूद बोले- 'एक कमरे में पूरी पार्टी चलती है'#Mayawati #BSP | @vikasbha | @AjayDindian pic.twitter.com/ayoflB2UGd
— NDTV India (@ndtvindia) September 4, 2026
'कांशीराम के सपनों को मिलकर पूरा करेंगे'
कांशीराम और डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा 'नारा था अंबेडकर के सपने अधूरे, कांशीराम करेंगे पूरे और विचारधारा थी अंबेडकर जी की और अब कांशीराम के सपने अधूरे, हम लोग मिलकर करेंगे पूरे. निषाद पार्टी इसी विचार पर निर्भर है. आकाश आनंद को लेकर उन्होंने कहा हम लोगों ने कांशीराम के साथ बहुत लंबे समय तक काम किया है. दो तरह की सोच थी, एक सोच पांच हजार बरस से थी कि भगवान ने लोगों को गरीब बना दिया, झोपड़ी वाले कमाएंगे, खोपड़ी वाले खाएंगे, गरीब कमाएंगे, अमीर लोग खाएंगे. लेकिन संवैधानिक व्यवस्था में ऐसा कुछ नहीं है.'
क्या यूपी में बनेंगे नए समीकरण
डॉ. संजय निषाद का इस तरह से मायावती के भतीजे आकाश आनंद को खुला निमंत्रण देना अहम माना जा रहा है. क्योंकि मायावती ने ऐलान किया है कि फिलहाल आकाश आनंद पार्टी में किसी अहम जिम्मेदारी को नहीं संभालेंगे. चुनावी माहौल में यह ऐलान करना अहम माना जा रहा है. क्योंकि आकाश आनंद बसपा में नए चेहरे के तौर पर देखा जा रहा था. ऐसे में अगर आकाश कुछ नया कदम उठाते हैं, तो यह अहम है. खास बात यह है कि डॉ. संजय निषाद बीजेपी के साथ गठबंधन में हैं.
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