अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित गबन के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. पुलिस की रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को प्रमुख सबूत बनाया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर छिपाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिया, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका भी फुटेज में दर्ज होने का दावा किया गया है.
रामजन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 में क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने विवेचना पूरी करने के बाद 22/23 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की. मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) सहपठित धारा 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है.

अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने, लवकुश मिश्रा पर एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक रमाशंकर मिश्रा भी एक बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए फुटेज में दिखाई दिया. चार्जशीट में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी एवं सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की चार्जशीट की मुख्य बातें:
- आरोपियों ने अपना अपराध माना है.
- सीसीटीवी में पकड़े जाने पर रुपये और गहने चंपत राय, गोपाल राव और अन्य सदस्यों को वापस किए.
- अनुकल्प मिश्रा के पास से 16,82,040 रुपये, करुणेश पांडेय से 16,07,063, मनीष यादव से दो लाख, लवकुश से 14,25,000, रमाशंकर से 7,32,170, अविनाश शुक्ला से 20,39,220 रुपये और 1121 डॉलर तथा रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास से एक लाख रुपये बरामद हुए.
- सुभाष श्रीवास्तव ने कहा कि उसके पास जो रुपए थे वो खर्च हो गए.
- चंपत राय को मंदिर के कर्मचारी ने वीडियो भेजा, जिसमें बाथरूम में 2,25,000 रुपयों की गड्डियां मिलीं.
- सीसीटीवी में चोरी पकड़े जाने पर चेकिंग शुरू की गई, इस वजह से आरोपियों ने चोरी किए गए रुपये बाथरूम में छिपा दिए.
- अविनाश शुक्ला के पास से चोरी के रुपयों से खरीदी गई ब्रेजा कार भी बरामद की गई, अनुकल्प के पास से डिज़ायर कार बरामद हुई, टिन्नू यादव के पास से अर्टिगा कार और बुलेट बाइक बरामद हुई.
- अविनाश शुक्ला ने 85 बार, करुणेश ने दो बार, मनीष यादव ने 16 बार, रामशंकर मिश्रा ने एक बार, लवकुश मिश्रा ने एक बार, अनुकल्प मिश्रा ने 56 बार रुपए चुराते/मदद करते दिखाई दिए.
- आरोपियों के ह्वाट्सऐप चैट में रुपयों के हेरफेर की बात सामने आई.
- अनुकल्प मिश्रा ने 55 लाख का मकान खरीदा, जिसमें 25 लाख रुपए विक्रेता को नकद दिए.
- अनुकल्प मिश्रा ने अपने निर्माणाधीन मकान में 43 लाख 43 हज़ार रुपए चढ़वा चोरी के ख़र्च किए
पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में रकम हटाई जाती रही और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को आरोपियों की तलाशी लेने से यह कहते हुए रोका कि वे अपने लोग हैं और विश्वसनीय हैं. विवेचना के मुताबिक, चार जून 2026 की रात गणना कक्ष में 2.25 लाख रुपए की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपाए जाने की घटना सामने आई थी. पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल पर इसका वीडियो और संदेश भेजा था.
पुलिस के अनुसार, साथी कर्मचारियों को संदेह होने और गेट पर चेकिंग शुरू होने के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से रकम बाथरूम में छिपाई थी. अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले की जानकारी सामने आई और 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया गया. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया है.

रिपोर्ट के मुताबिक अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपए नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण, करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख और रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपए नकद बरामद किए गए. मनीष यादव और रामशंकर यादव से भी नकदी बरामद होने की बात कही गई है. जांच में विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहन जब्त किए गए.
लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम 22.52 लाख रुपए की जमीन खरीदने और मकान निर्माण में 20.91 लाख रुपए खर्च करने का आरोप है. रमाशंकर मिश्रा द्वारा 12 लाख रुपए का प्लॉट खरीदने तथा महंगे कैमरे और सोने की अंगूठियां लेने का भी चार्जशीट में उल्लेख है. रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर बेटे के नाम 9.50 लाख रुपए की संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है.
चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं. इनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर समेत अन्य लोग शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और सीडीआर को भी विवेचना का हिस्सा बनाया है.
रिपोर्ट के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और रकम को छिपाने तथा बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत की पुष्टि होने का दावा किया गया है. मामले में नामजद सभी आठ आरोपी—अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव—वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं.
पुलिस ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी.
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