राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन की अदालत में चार्जशीट दाखिल किया है. इसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्र और निर्माण प्रभारी गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है. तीनों को सरकारी गवाह बनाया गया है. चार्जशीट में 133 गवाहों का जिक्र है. 400 पेज के आरोपपत्र और 101 केस डायरी के पर्चे भी इसमें शामिल हैं.
चार्जशीट कई बक्सों और गत्तों में भरकर अदालत पहुंचाई गई. पुलिस के आरोपपत्र दाखिल करने के बाद अदालत में दस्तावेजों का मिलान और परीक्षण शुरू किया गया. इसकी जानकारी मिलते ही कचहरी परिसर में हलचल बढ़ गई. कुछ अधिवक्ताओं ने विवेचना और कुछ लोगों को आरोपी नहीं बनाए जाने पर आपत्ति जताई. विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के बाहर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की गई. हंगामे की स्थिति बन गई.
हालांकि कचहरी परिसर में पहले से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. दो ट्रक पीएसी तैनात रही. आरोपपत्र दाखिल करने के दौरान विवेचक आशुतोष तिवारी के साथ एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी, कोतवाल मनोज शर्मा और थाना राम जन्मभूमि प्रभारी सुमित श्रीवास्तव मौजूद रहे.

चार बक्सों और दो गत्तों में पहुंची चार्जशीट
राम मंदिर चढ़ावा धनराशि प्रकरण की विवेचना पूरी होने के बाद दाखिल चार्जशीट का आकार भी चर्चा में रहा. लगभग 60,000 पन्नों से अधिक आरोप पत्र को चार बक्सों और दो गत्तों में भरकर अदालत लाया गया. यह दाखिल होने के बाद दस्तावेजों का मिलान और परीक्षण शुरू हुआ. प्रकरण में अदालत ने अधिवक्ता संघ की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर दिया.
अदालत के अनुसार विवेचना में शामिल किए जाने के लिए अधिवक्ताओं की ओर से दिए गए शपथपत्रों के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला. इसके आधार पर प्रार्थना पत्र निस्तारित कर दिया गया. मामले में रिमांड की अगली सुनवाई सात अक्तूबर को होगी.
चढ़ावा चोरी का घटनाक्रम:
- 4 जून को गणना कक्ष में नकदी छिपाने का मामला सामने आया था, तभी से मामले की शुरुआत हुई.
- 7 जून को अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद लोगों को जानकारी हुई.
- 10 जून को ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चम्पत राय ने मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग की.
- 13 जून को पहली एसआईटी गठित की गई
- 15 जून को एसआईटी ने चंपत राय, गोपाल राव समेत कई कर्मचारियों से पूछताछ की.
- 16 जून को दोबारा पूछताछ हुई और ट्रस्ट के करीब 11 महीने के दस्तावेज खंगाले गए.
- 17 जून को बैंक अधिकारियों और नोट गिनने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ हुई.
- 18 जून को अनिल मिश्र समेत अन्य लोगों से पूछताछ की गई.
- 19 जून को चंपत राय, अनिल मिश्र और गोपाल राव से अलग-अलग पूछताछ हुई. एसबीआई अधिकारियों से भी जानकारी ली गई.
- 20 जून को एसआईटी लखनऊ वापस चली गई.
- 23 जून को पहली एसआईटी ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को करीब 20 पन्नों की प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी.
- 27 अप्रैल से पांच जून के बीच 42 दिनों में करीब 70 संदिग्ध चोरी की घटनाओं के सीसीटीवी साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई है.
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