- आगामी वेब सीरीज 'घूसखोर पंडत' के शीर्षक और टीजर को लेकर ब्राह्मण समाज में व्यापक आक्रोश फैल गया है
- बुलंदशहर में ब्राह्मण समाज ने रोड शो निकाला और मनोज वाजपेयी व टीम के पुतले जलाकर विरोध प्रदर्शन किया
- कानपुर में अखिल भारतीय सर्वब्राह्मण महासभा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा और सीरीज पर रोक की मांग की
बुलंदशहर/कानपुर: आगामी वेब सीरीज "घूसखोर पंडत" अपनी रिलीज से पहले ही गंभीर विवादों में घिर गई है. फिल्म के शीर्षक और टीजर को लेकर ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और कानपुर समेत कई जिलों में समाज के लोगों ने सड़कों पर उतरकर फिल्म के मुख्य अभिनेता मनोज वाजपेयी और प्रोडक्शन टीम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
बुलंदशहर: सड़कों पर प्रदर्शन और पुतला दहन
बुलंदशहर के खुर्जा में ब्राह्मण समाज के युवाओं और पदाधिकारियों ने फिल्म के खिलाफ बिगुल फूंक दिया है. प्रदर्शनकारियों ने महर्षि परशुराम भृगु सदन से लेकर जेवर अड्डे तक एक विशाल रोड शो निकाला और फिल्म की टीम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. समाज के लोगों ने अभिनेता मनोज वाजपेयी और टीम का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर जान-बूझकर ब्राह्मण समाज को अपमानित किया जा रहा है.
कानपुर: जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी
कानपुर में भी अखिल भारतीय सर्वब्राह्मण महासभा के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया. हाथों में बैनर-पोस्टर लिए प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा. अखिल भारतीय सर्वब्राह्मण महासभा पदाधिकारी ने कहा, "हमें कोई आरक्षण नहीं मिलता, हम अपने दम पर खड़े हैं. सनातन धर्म की रक्षा में ब्राह्मण समाज हमेशा अग्रणी रहा है, लेकिन एक दूषित मानसिकता के तहत हमें टारगेट किया जा रहा है. इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा." संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सीरीज पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो पूरे उत्तर प्रदेश में एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा.
कानूनी दांव-पेच: कोर्ट पहुंचा मामला
मामला केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह कानूनी चौखट तक पहुंच गया है. पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर अधिवक्ताओं ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. अधिवक्ता नितिश मिश्रा ने कानपुर नगर न्यायालय के जेएम-4 (JM-4) की अदालत में परिवाद दाखिल किया है. इस मामले में प्रोडक्शन कंपनी, निर्माता, निर्देशक, मुख्य अभिनेता मनोज वाजपेयी और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स समेत 6 लोगों को विपक्षी बनाया गया है. परिवादी का दावा है कि 6 फरवरी, 2026 को कोतवाली थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस ने इसे 'समाज का मामला' बताकर रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया था. अधिवक्ता प्रत्यूष मनी मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए इसे एक "सुनियोजित षड्यंत्र" करार दिया और कहा कि वे सुनिश्चित करेंगे कि यह फिल्म भारत के किसी भी कोने में रिलीज न हो सके.
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