Ghooskhor Pandat Controversy: ओटीटी प्लेटफॉर्म (नेटफ्लिक्स) पर प्रसारित होने वाली वेब सीरीज 'घूसखोर पंडत' पर विवाद बढ़ता जा रहा है. इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वेब सीरीज को लेकर डायरेक्टर और उनकी टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजधानी लखनऊ के थाना हजरतगंज में वेब सीरीज के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि इस वेब सीरीज के जरिए समाज में सौहार्द बिगाड़ने व धार्मिक और जातिगत भावनाओं को आहत करने की कोशिश की गई है. इसी बीच फिल्ममेकर नीरज पांडे ने ऑफिशियल स्टेटमेंट सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
घूसखोर पंडत विवाद पर डायरेक्टर ने दिया रिएक्शन
नीरज पांडे ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें लिखा गया, हमारी फिल्म एक फिक्शन कॉप ड्रामा है और "पंडत" शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के बोलचाल वाले नाम के तौर पर किया गया है. कहानी एक व्यक्ति के कामों और फैसलों पर फोकस करती है और किसी भी जाति, धर्म या समुदाय पर कोई टिप्पणी नहीं करती या उसे रिप्रेजेंट नहीं करती. एक फिल्ममेकर के तौर पर, मैं अपना काम बहुत जिम्मेदारी के साथ करता हूं, जो ऐसी कहानियां सुनाने की जिम्मेदारी जो सोच-समझकर और सम्मानजनक हों.
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प्रमोशनल मटीरियल हटाने का लिया फैसला
आगे उन्होंने लिखा, मेरे पिछले कामों की तरह यह फिल्म नेक इरादे से और सिर्फ दर्शकों के एटंरटेनमेंट के लिए बनाई गई है. हम समझते हैं कि फिल्म के टाइटल से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है और हम सच में उन भावनाओं को समझते हैं. इन चिंताओं को देखते हुए हमने फिलहाल सभी प्रमोशनल मटेरियल हटाने का फैसला किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए और उस कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए, जो हम बताना चाहते थे, न कि अधूरे हिस्सों के आधार पर जज किया जाए. मैं जल्द ही दर्शकों के साथ फिल्म शेयर करने का इंतजार कर रहा हूं.
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