आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और पवित्र माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रयागराज जिला प्रशासन ने बेहद कड़े रुख के साथ कमर कस ली है. जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देशन में शनिवार को जिला पंचायत सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. अपर जिलाधिकारी नगर सत्यम मिश्र की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सबसे सख्त निर्देश कांवड़ यात्रा मार्गों पर संचालित होने वाली नॉन-वेज यानी मीट-मांस की दुकानों को लेकर दिया गया.
प्रशासन ने पुलिस और संबंधित विभागों के अधिकारियों को दो टूक लहजे में निर्देशित किया है कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर पड़ने वाली मीट-मांस की तमाम दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाना सुनिश्चित किया जाए. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी. इसके साथ ही जिला आबकारी अधिकारी को भी शासन के निर्देशानुसार शराब की दुकानों को लेकर सख्त कदम उठाने के आदेश दिए गए है.
डीएम ने कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
30 जुलाई से शुरू होने जा रहे सावन के पवित्र महीने से पहले बैठक में अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आस्था के इस महापर्व में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कांवड़ शिविरों और यात्रा के दौरान बजाए जाने वाले डीजे की आवाज शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप ही होनी चाहिए. यदि किसी भी जगह तय सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाए जाने की शिकायत मिलती है या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित डीजे को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा.
ट्रैफिक डायवर्जन प्लान किया जाएगा लागू
प्रशासन ने मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाने के साथ ही वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग को रोकने के लिए पुख्ता पार्किंग स्थल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है. कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने पर विशेष जोर दिया गया है. प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि कांवड़ मार्गों पर जाम की स्थिति न बने इसके लिए समय रहते पुख्ता ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया जाए.
नेशनल हाईवे मार्गों पर जितने भी अवैध कट बने हुए है कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही उन सभी का बारीकी से निरीक्षण कर उन्हें पूरी तरह से बंद करा दिया जाए. इसके अलावा सड़कों के किनारे लगने वाले लंगरों और भंडारो का आयोजन मुख्य सड़क से सुरक्षित दूरी पर कराया जाए ताकि श्रद्धालुओं की वजह से मार्ग में अनावश्यक भीड़ और जाम की स्थिति पैदा न हो. प्रमुख चौराहों और रेलवे क्रॉसिंगों पर पुलिस कर्मियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाएगी. साथ ही मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है.

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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंताओं को सभी कांवड़ मार्गों को तत्काल गड्ढामुक्त करने और हंडिया मार्ग पर लगी रोड लाइट्स को पूरी तरह क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए है. नगर निगम क्षेत्र की सड़कों का रोड रेस्टोरेशन कार्य और मार्ग प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है, ताकि नगरीय क्षेत्रों में कहीं भी जल-जमाव न हो. कांवड़ मार्गों पर आने वाले बड़े पेड़ों की छंटाई कराने और जर्जर मकानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठाने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है. बिजली विभाग को निर्देश दिया गया है कि कावड़ यात्रा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें और कहीं भी जर्जर या लटके हुए तार दिखाई दे तो उन्हें तुरंत ठीक किया जाए.
इसके अलावा प्रमुख शिवालयों और स्नान घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ के प्रबंधन के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए गए है. सभी स्नान घाटों पर सुरक्षा के मद्देनजर मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त लाइटिंग, मोबाइल टॉयलेट, पानी के टैंकर और साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था की जाएगी. कांवड़ियों की सेहत और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है.
एंबुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश
कांवड़ यात्रा मार्ग के अंतर्गत आने वाले सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चौबीसों घंटे चिकित्सकों की उपलब्धता, पर्याप्त मात्रा में जरूरी दवाओं का स्टॉक और एम्बुलेंस की फौरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं.
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