Lamine Yamal creates history, स्पेन ने अर्जेंटीना के खिलाफ फाइनल मैच में 1-0 से जीत दर्ज करते हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया। सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस स्पेन की जीत के हीरो रहे, जिन्होंने एक्स्ट्रा टाइम में निर्णायक गोल दागते हुए टीम को साल 2010 के बाद उसका दूसरा खिताब जिताया. इस जीत में भले ही लामिन यमाल कोई गोल नहीं कर पाए लेकिन उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है जो इससे पहले कभी नहीं हुआ है. यमाल इंटरनेशनल फुटबॉल इतिहास में 19 साल या उससे कम उम्र के तौर पर यूरो कप फाइनल और फीफा वर्ल्ड कप फाइनल दोनों बड़े टूर्नामेंट्स के फाइनल खेलने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी बन गए हैं .
वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी
19 जुलाई, 2026 को लामिन यमाल वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में से एक बन गए हैं लामिन यमाल वर्ल्ड कप जीतने वाले दुनिया के संयुक्त रूप से चौथे खिलाड़ी बन गए हैं. इस मामले में पहले नंबर पर पेले हैं, पेले 17 साल और 249 दिन की उम्र में वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं.
सबसे युवा खिलाड़ी जिन्होंने कभी वर्ल्ड कप जीता
| रैंक | खिलाड़ी | उम्र | देश |
| 1 | पेले | 17 साल और 249 दिन | ब्राज़ील |
| 2 | रोनाल्डो | 17 साल और 298 दिन | ब्राज़ील |
| 3 | ज्यूसेपे बर्गोमी | 18 साल और 174 दिन | इटली |
| 4 | कोउटिन्हो | 19 साल और 6 दिन | ब्राज़ील |
| 4 | लामिन यमाल | 19 साल और 6 दिन | स्पेन |
| 5 | मार्को एंटोनियो | 19 साल और 135 दिन | ब्राज़ील |
| 6 | पाउ कुबारसी | 19 साल और 178 दिन | स्पेन |
| 7 | काइलियन एम्बाप्पे | 19 साल और 207 दिन | फ़्रांस |
| 8 | मज़ोला | 19 साल और 309 दिन | ब्राज़ील |
| 9 | रूबेन मोरन | 19 साल और 344 दिन | उरुग्वे |
स्पेन के इस युवा खिलाड़ी ने वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाते समय ठीक उतनी ही उम्र का रिकॉर्ड बनाया जितनी उम्र में कौटिन्हो ने यह उपलब्धि हासिल की थी, यानी 19 साल और छह दिन. ईस्ट रदरफोर्ड, न्यू जर्सी में हुए 2026 वर्ल्ड कप के फाइनल में, लामिन यामल की टीम ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से हराया. स्पेन के लिए आठ मैचों में खेलते हुए, लामिन यमाल ने अपनी टीम के लिए 1 गोल किया.
टोरेस के गोल से जीता स्पेन
टोरेस ने मुकाबले के 106वें मिनट में मैच का पहला और इकलौता गोल दागा. इसके बाद स्पेन ने दबाव बनाना जारी रखा. इस बीच टीम को लगा कि उन्होंने एक्स्ट्रा टाइम में अपनी बढ़त दोगुनी कर ली है, लेकिन गोल से पहले फाउल होने के कारण उस प्रयास को अमान्य करार दिया गया. हालांकि, लुइस डे ला फुएंते की टीम ने संयम बनाए रखा और आसानी से मैच के आखिरी पल बिताते हुए अर्जेंटीना के विश्व चैंपियन के दौर को खत्म कर दिया.
यह जीत स्पेन के लिए एक शानदार टूर्नामेंट का समापन थी. यह टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और साल 2010 की अपनी ऐतिहासिक सफलता के बाद दूसरा वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किया. अर्जेंटीना ने चार साल पहले साल 2022 में कतर में खिताब जीता था, लेकिन इस बार 'मेसी एंड कंपनी' खिताब के बेहद करीब आकर चूक गई.
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