उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सभी दल ब्राह्मणों को लुभाने में लग गई है. समाजवादी पार्टी के बाद एस बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने अब ब्राह्मण वाला दांव चला है. पार्टी अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कहा कि बीएसपी के जनाधार को सर्वसमाज में मजबूत करने के साथ उम्मीदवारों के चयन और उनके नामों की घोषणा की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया कि बीएसपी की सक्रियता से विरोधी दलों में बेचैनी है. इसी क्रम में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र मिश्र को कानूनी और मीडिया संबंधी कार्यों के साथ चुनाव आयोग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.
कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने को कहा
मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बीएसपी को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम चल रहा है. उन्होंने ब्राह्मण समाज को भी पार्टी से जोड़ने और 2007 की तरह पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की रणनीति का संकेत दिया. मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से विरोधी दलों के कथित हथकंडों को लेकर सजग और सतर्क रहने की अपील भी की.
1. उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव सन् 2027 की तैयारियों के मद्देनज़र बी.एस.पी. के जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने की ज़मीनी मज़बूती के साथ-साथ पार्टी उम्मीदवारों के चयन व उनके नामों की पार्टी के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों में घोषणा करने आदि की प्रक्रिया भी चल रही…
— Mayawati (@Mayawati) August 19, 2026
मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पोस्ट में लिखा उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आम चुनाव सन 2027 की तैयारियों के मद्देनज़र बीएसपी के जनाधार को सर्वसमाज में बढ़ाने की जमीनी मजबूती के साथ-साथ पार्टी उम्मीदवारों के चयन और उनके नामों की पार्टी के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलनों में घोषणा करने आदि की प्रक्रिया भी चल रही है, जिसको लेकर विरोधी पार्टियों में काफी बेचैनी है और सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और अन्य विरोधी पार्टियों में भी अब अनवरत बदलाव होना भी स्वाभाविक है.
उन्होंने लिखा कि वैसे बीएसपी ने सर्वसमाज में से खासकर ब्राह्मण समाज को भी पार्टी में उनकी सन 2007 की तरह बीएसपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की तैयारी के हिसाब से, उन्हें बीएसपी उम्मीदवार बनाना जब से शुरू किया है तब से विरोधी पार्टियों में इसको लेकर चर्चा और चिंताएं दोनों होना स्पष्ट हैं, जिनके हथकंडों से 'बहुजन समाज' के लोगों को लगातार सजग व सतर्क रहने की जरूरत है.
मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी के लंबे अरसे से चले आ रहे राष्ट्रीय महासचिव, वरिष्ठ अधिवक्ता और बीएसपी शासनकाल में यूपी के महाधिवक्ता, उत्तर प्रदेश बार काउन्सिल के कई बार अध्यक्ष तथा बीएसपी सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं कई बार बीएसपी के राज्यसभा सांसद रहे सतीश चन्द्र मिश्र को पार्टी द्वारा लीगल और मीडिया आदि के साथ-साथ अब चुनाव आयोग संबंधी कार्यों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई जोकि खासकर आगामी विधानसभा आमचुनाव के दौरान कई मायने में इनकी अहम भूमिका रहेगी.
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