- दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से छात्रों की मौत के बाद सरकार और प्रशासन सक्रिय हो गए हैं
- LG तरनजीत सिंह संधू ने डीडीए के अधिकारियों से मुलाकात कर पीजी के लिए भूमि तलाशने के निर्देश दिए
- एलजी ने कहा कि छात्रों को सुरक्षित, गरिमापूर्ण और उचित दर पर आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से छात्रों की मौत के बाद सरकार, प्रशासन से लेकर उपराज्यपाल तक एक्टिव हो गए हैं. दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को डीडीए के अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने आदेश दिया कि ऐसी भूमि की तलाश की जाए, जहां पीजी बनाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि हम छात्रों को सुरक्षित, गरिमापूर्ण और उचित दर पर आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं. एलजी ने इसके बारे में ट्वीट कर जानकारी दी है. उन्होंने एक्स पर डीडीए के अधिकारियों के साथ मीटिंग की तस्वीरें भी शेयर की हैं.
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने डीडीए के वाइस चेयरमैन सरवन कुमार से अपने दफ्तर में मुलाकात की. उन्होंने कहा कि हमारी यह बैठक छात्रों के लिए पीजी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर थी. इस दौरान डीडीए को मैंने आदेश दिया कि पीजी तैयार करने के लिए उचित जमीन की पहचान की जाए. इसके बाद एक एक्शन प्लान तैयार किया जाए. यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को भी साथ लेकर एक्शन प्लान पर अमल हो. शहर में हॉस्टल की फैसिलिटी तैयार करने के लिए नए मास्टर प्लान के तहत काम शुरू किया जाए. उन्होंने लिखा कि हमारा फोकस छात्रों को सुरक्षित, बेहतर और किफायती रिहायश मुहैया कराने पर है.
Met Shri N. Saravana Kumar, Vice Chairman, @official_dda, at @LokNiwasDelhi today to review options for alternative accommodation for students.
— LG Delhi (@LtGovDelhi) September 9, 2026
Directed DDA to expedite identification of suitable land parcels for PGs, prepare an actionable plan, and engage with University… pic.twitter.com/zbZXOtU5uB
दिल्ली के मास्टर प्लान 2041 में भी हॉस्टल और पीजी को लेकर कुछ नियम तय किए गए हैं. इसके तहत कहा गया है कि आवासीय और मिक्स यूज वाले इलाकों में ही पेइंग गेस्ट बनाए जा सकते हैं. इसकी गाइडलाइंस में कहा गया है कि कोचिंग, ट्यूशन सेंटर, हॉस्टल और पीजी आदि की परमिशन ए और बी कैटिगरी के आवासीय इलाकों में नहीं चलेंगे. सत्य निकेतन में जिस इमारत में पीजी चल रहा था, उसके ढह जाने की घटना ने दिल्ली में शहरी ढांचे पर सवाल खड़े किए हैं तो वहीं अंधाधुंध अवैध निर्माण को लेकर भी समस्या उजागर की है. इस हादसे ने छात्रों के बुरे हालातों में रहने और मोटी रकम उसके लिए भी खर्च करने के दुष्चक्र को भी दुनिया के सामने रखा है.
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