- लखनऊ के आशियाना इलाके में बेटे अक्षत ने अपने पिता की हत्या कर शव के टुकड़े नीले ड्रम में भर दिए थे
- हत्या के 24 घंटे बाद भी अक्षत के चेहरे पर कोई अफसोस नहीं था, वह बिना गम के घर लौटा था
- पुलिस हिरासत में अक्षत को अब पिता की हत्या पर गहरा अफसोस और पछतावा महसूस हो रहा है
पिता के लिए बेटा कितना प्रिय होता है, सबको पता है. बेटा पिता का अभिमान होता है, उसका गुरुर होता है और वही बेटा अगर अपने पिता का दुश्मन बन जाए तो? उसकी जान ले तो? लखनऊ के आशियाना इलाके में दिल दहला देने वाले मामले में ऐसा ही हुआ है. बेटे अक्षत ने पिता को सिर्फ मारा नहीं उनके शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भर दिया और ऐसे लौटा जैसे कुछ हुआ ही नहीं. न अफसोस और न पिता को खोने का गम. जिस पिता ने उसे गोद में खिलाया,पाल-पोस कर बड़ा किया,उन्हें ही उसने इतनी रौंगटे खड़े करने वाली मौत दी. हालांकि घटना को 24 घंटे बीत जाने के बाद आरोपी अक्षत को अफसोस भी है और पिता के जाने का गम भी. कोर्ट में जब अक्षत पेश हुआ तो उसके चेहरे पर पिता को मारने का अफसोस साफ दिखा.
पिता को मारने का अब दिखा अफसोस
झुका चेहरा...आंखों में अफसोस...लखनऊ में पिता की जान लेने वाले कलयुगी बेटे अक्षत सिंह को अब पिता की जान लेने पर गलती का अहसास हो रहा है. पुलिस हिरासत में जब उसे कोर्ट से बाहर लाया गया तो चेहरे पर वो तेज और कत्ल के बाद वाला हावभाव गायब था. मन दुखी था और लग रहा था कि उसे भी पता है कि उसने बड़ी गलती कर दी है. अदालत ने अक्षत को 14 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. कोर्ट में जब आरोपी बेटे से पिता की बेरहम तरीके से जान लेने पर सवाल पूछा गया तो उसके चेहरे पर अफसोस का भाव था. उसने बिना सिर हिलाते हए हामी भरी. इससे पहले पिता को मारकर शव के कई टुकड़े कर लौटा अक्षत घर में ऐसे दाखिल हुआ था जैसे कुछ हुआ ही न हो.
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मानवेंद्र सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा
लखनऊ में आशियाना इलाके में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है. आरोपी बेटे ने हत्या के बाद कारोबारी के शव के 4 टुकड़े किए थे. अक्षत ने पेट और पीठ भी काटकर अलग करने का प्रयास किया था, लेकिन रीढ़ की हड्डी नहीं काट पाया था.PM रिपोर्ट के हिसाब से बॉडी को और कई जगह से काटने का प्रयास किया गया है, लेकिन प्रयास असफल रहा. अक्षत का कहना है कि बॉडी को छोटा करके ले जाना ज्यादा सही था इसलिए कई टुकड़े किए गए. वहीं आरोपी दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कर रहा था.
पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर क्राइम सीन का रीक्रिएट किया. इस दौरान अक्षत प्रताप सिंह (21) भी मौजूद रहा. पुलिस ने उसके बयान के आधार पर फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में घटना को दोहराया.आरोपी ने बयान दिया था कि तीसरे तल पर उसने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
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मुनीम के आने से धड़ को नहीं लगा पाया था ठिकाने
पकड़े जाने के डर से अक्षत सोमवार को ड्रम में भरे पिता के धड़ को कार से ठिकाने लगाने ले जा रहा था. इसी बीच शराब ठेके के मुनीम घर पर पहुंच गए.इससे अक्षत धड़ को ठिकाने नहीं लगा सका था.इस मामले में आशियाना थाने के दरोगा अग्रचारी यादव की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है.अक्षत ने आरी के अलावा 2 चाकू भी खरीदे थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया है.
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