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लखनऊ में पिता की हत्या केस में नया मोड़, हत्या की वजह NEET नहीं, पड़ोसी ने खोली असल कहानी

Lucknow Blue Drum Murder Case: नाम न छापने की शर्त पर मानवेंद्र के एक पड़ोसी ने बताया कि 19 फरवरी को मानवेंद्र घर लौटे तो बेटे अक्षत और उनकी खूब बहस हुई.

लखनऊ में पिता की हत्या केस में नया मोड़, हत्या की वजह NEET नहीं, पड़ोसी ने खोली असल कहानी
  • लखनऊ में नीले ड्रम केस में हत्या की असली वजह अभी भी पुलिस की जांच के दायरे में बनी हुई है
  • मृतक मानवेंद्र की हत्या उसके बेटे अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पारिवारिक विवाद के कारण की थी
  • हत्या का मुख्य कारण परिवार में शराब ठेके के रिन्यूअल के पैसे को लेकर विवाद और गुस्सा था
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लखनऊ में नीले ड्रम केस में असली वजह अब भी पुलिस की जांच के दायरे में है. इस सनसनीखेज वारदात में आरोपी बेटा अक्षत भले ही NEET परीक्षा की तैयारी के दबाव को हत्या की वजह बता रहा हो, लेकिन मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार इस दलील को मानने को तैयार नहीं हैं. मृतक के एक रिश्तेदार का कहना है कि हत्या की जड़ कहीं और है. वहीं, पुलिस ने प्रेस नोट जारी करते हुए आधिकारिक बयान में पारिवारिक विवाद के चलते लाइसेंसी राइफल से गोली मारे जाने की पुष्टि की गई है.

घटना वाली रात हुआ था मानवेंद्र और अक्षत का झगड़ा

नाम न छापने की शर्त पर मानवेंद्र के एक पड़ोसी ने बताया कि 19 फरवरी को मानवेंद्र घर लौटे तो बेटे अक्षत और उनकी खूब बहस हुई. कारण घर में रखे 50 लाख रुपए में से कुछ रुपए गायब मिले. जानकारी के मुताबिक अक्षत ने शराब के ठेके के रिन्यूअल के पैसे कही खर्च दिए थे. जिसके बाद गुस्से में आकर मानवेंद्र ने बेटे अक्षत को थप्पड़ मारे और कमरे में रखी रायफल उस पर तान दी. ये रकम शराब के ठेके की परमिशन को रिव्यूनल कराने के लिए रखे थे, जिसका ऑनलाइन आवेदन 23 फरवरी को समाप्त हो रहा था.

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इसी बात से गुस्साए अक्षत ने पिता से बदला लेने की ठानी. जिसके बाद वो 4 बजे के बाद पिता के कमरे में गया और राइफल लेकर नींद में सो रहे मानवेंद्र के सिर पर फायर कर हत्या कर दी. घटना की जानकारी बहन को पहले से थी. घटना के बाद कृति ने खुद की और अक्षत की इंस्टा अकाउंट प्राइवेट की. कृति और अक्षत की मां पहले ही में इस दुनिया में नहीं है. पिता के जाने के बाद भाई को खोने के डर से वो चुप बैठी रही. हत्या के बाद दोनों उसी कमरे में रहते है. एक परिचित के अनुसार, पिता की हत्या के बाद अक्षत ने सरेंडर करने की सोची और अपने किसी दोस्त को फोन कर घटना की जानकारी दी, लेकिन बहन अकेली न पड़ जाए फिर बॉडी को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया. 


22 को रिन्यूअल का पैसा लेना पहुंचा था मुनीम  

पकड़े जाने के डर से अक्षत सोमवार को ड्रम में भरे पिता के धड़ को कार से ठिकाने लगाने ले जा रहा था. इसी बीच, शराब ठेके के मुनीम घर पर पहुंच गए. क्योंकि उसे ठेके के रिन्यूअल संबंधित कागजात और पैसे चाहिए थे. इससे अक्षत धड़ को ठिकाने नहीं लगा सका था. अक्षत ने आरी के अलावा दो चाकू भी खरीदे थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया है.

चेहरे पर पछतावा, बाप की मौत का अफसोस, बहन की फिक्र

कोर्ट में पेशी के बाद निकलते हुए NDTV के सवाल पिता की हत्या का कोई अफसोस है, इस पर अक्षत ने बिना सिर उठाए, बिना कोई शब्द कहे 'हां' में सिर हिलाया. अक्षत ने घटना में किसी भी परिवार के सदस्य की सहभागिता को भी इनकार किया है. अक्षत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. मामले की जांच अभी भी जारी है. हर एक बिंदु पर गहनता से खंगालने में लखनऊ पुलिस जुटी है.

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