लखनऊ की मशहूर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में विश्वविद्यालय की विशाखा कमेटी ने आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज़ को दोषी करार दिया है. कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि आरोपी ने शादी की बात छुपाई, पीड़िता का मानसिक उत्पीड़न किया और यौन उत्पीड़न अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया.
विशाखा कमेटी की अध्यक्ष डॉ. मोनिका ने बताया कि जुलाई 2025 से दोनों के बीच संबंध थे, जिसे आरोपी ने भी स्वीकार किया. जांच में सामने आया कि रिश्ता निजी अपार्टमेंट तक सीमित था और पीड़िता को सितंबर 2025 में पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है.
शादी का सच सामने आते ही बढ़ा उत्पीड़न
जैसे ही पीड़िता को आरोपी की शादी की जानकारी हुई, उसने रिश्ता खत्म करने की कोशिश की. इसके बाद आरोपी ने ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया. कमेटी ने आरोपी को Sexual Harassment Act के तहत दोषी माना है.
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पीड़िता ने 23 दिसंबर 2025 को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी और उसके पिता ने पहले शादी की बात से इनकार किया, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई उजागर हुई.
VC का ऐलान: आरोपी विश्वविद्यालय से निष्कासित
KGMU की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी को दोषी पाए जाने के बाद विश्वविद्यालय से निष्कासित (Expelled) कर दिया गया है. उन्होंने कहा, 'पीड़िता भावनात्मक, शारीरिक और मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हुई. आरोपी ने शादी की बात छुपाई और जांच कमेटी के सामने भी झूठ बोला.'
हॉस्टल होते हुए भी बाहर रहते थे
विशाखा कमेटी की रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों को हॉस्टल आवंटित था, लेकिन वे बाहर कमरा लेकर रहते थे। जांच 22 दिसंबर से शुरू हुई, जिसमें पीड़िता, उसके पिता और आरोपी के बयान दर्ज किए गए.
सीएम पोर्टल और महिला आयोग तक पहुंचा मामला
पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और KGMU से एमडी पैथोलॉजी कर रही है. उसके परिवार ने मुख्यमंत्री पोर्टल और महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई थी. आरोप है कि आरोपी ने धर्मांतरण का दबाव बनाया और बाद में शादी से इनकार कर दिया.
पुलिस कार्रवाई: आरोपी फरार, इनाम घोषित
पुलिस के मुताबिक आरोपी डॉ. रमीज़ फिलहाल फरार है. उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. आरोपी के माता-पिता को गिरफ्तार किया जा चुका है और लखनऊ व पीलीभीत स्थित संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी हो चुकी है.
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धर्मांतरण एंगल पर जांच जारी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने माना है कि मामले में धर्मांतरण का एंगल सामने आया है, हालांकि यह आइसोलेटेड केस है या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा, इसकी जांच अभी जारी है.
दोस्ती, शादी की बात और फिर विवाद
जानकारी के मुताबिक पीड़िता जून 2025 में मास्टर्स कोर्स के लिए KGMU आई थी. इसी दौरान उसकी आरोपी से दोस्ती हुई, जो बाद में शादी की बातचीत तक पहुंची. पीड़िता के पिता का आरोप है कि बेटी ने धर्म परिवर्तन से इनकार किया, जिसके बाद उस पर दबाव बढ़ता गया। इसी मानसिक तनाव में पीड़िता ने आत्महत्या का प्रयास भी किया.
यह मामला अब विश्वविद्यालयी अनुशासन, महिला सुरक्षा और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर गंभीर बहस का कारण बन गया है.
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