- केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में चार संविदा कर्मचारियों पर कैंसर दवाओं के घोटाले का आरोप लगा है.
- आरोपियों ने कैंसर की महंगी दवाओं की खरीद और वितरण में फर्जीवाड़ा किया और सरकारी धन का दुरुपयोग किया.
- कुलपति ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी, जिसने वित्तीय अनियमितताओं और कागजी सबूतों की पुष्टि की.
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान KGMU में कैंसर मरीजों की जान बचाने वाली दवाओं में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने 4 संविदा कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग की FIR दर्ज कराई है. कार्यवाहक चीफ प्रॉक्टर डॉ. अंकुर बजाज की तहरीर पर चौक थाने में गुरुवार को केस दर्ज किया गया है.
कौन हैं आरोपी कर्मचारी?
पुलिस के मुताबिक, चारों आरोपी KGMU के यूरोलॉजी विभाग में संविदा पर काम कर रहे थे. इनके नाम प्रकाश सिंह, हेमंत श्रीवास्तव, सचिन तिवारी और अरशद हैं. आरोप है कि इन कर्मचारियों ने असाध्य रोग योजना के तहत कैंसर मरीजों को दी जाने वाली महंगी दवाओं की खरीद और वितरण में फर्जीवाड़ा किया. कई महीने पहले दवाओं के स्टॉक और वितरण में अनियमितता कर सरकारी धन को नुकसान पहुंचाया गया.
कुलपति ने बनाई थी जांच कमेटी
मामला सामने आने के बाद KGMU के कुलपति ने 26 मई को जांच कमेटी गठित की थी. कमेटी की अध्यक्षता फैकल्टी ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज के डीन प्रो. केके सिंह ने की. जांच में कागजी रिकॉर्ड, सॉफ्टवेयर डेटा, वित्तीय लेन-देन और गवाहों के बयान खंगाले गए. जांच में पुष्टि हुई कि चारों कर्मचारियों ने दवाओं का दुरुपयोग किया और गंभीर वित्तीय अनियमितताएं कीं. कमेटी ने 2 जून को अंतरिम रिपोर्ट सौंपी थी.
अब क्या होगी कार्रवाई?
चीफ प्रॉक्टर डॉ. अंकुर बजाज ने बताया कि गहन विभागीय जांच के बाद उन्हें FIR दर्ज कराने के लिए अधिकृत किया गया. चौक इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर विभाग से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं. साक्ष्य और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ये भी पढ़ें : खूबसूरती और फैशन में मॉडल भी फेल, कौन हैं लेविट की जगह ट्रंप की 24 साल की नई प्रवक्ता बेनी रे हार्मनी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं