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केजीएमयू के सभी हॉस्‍टलों की मेस में मांसाहारी भोजन पर रोक, जानें- क्‍या है वजह

लखनऊ के केजीएमयू के सभी छात्रावासों की मेस और कैंटीन में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह फैसला कुलपति के निर्देश पर लिया गया है.

केजीएमयू के सभी हॉस्‍टलों की मेस में मांसाहारी भोजन पर रोक, जानें- क्‍या है वजह
छात्रावासों की मेस और कैंटीन में मांसाहारी भोजन के पकाने और परोसने पर रोक
लखनऊ:

लखनऊ के चर्चित और बड़े अस्पताल किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के सभी छात्रावासों की मेस और कैंटीन में मांसाहारी भोजन (Non-Veg) के पकाने और परोसने पर रोक लगा दी गई है. इसे लेकर कॉलेज प्रशासन ने आदेश भी जारी कर दिया है. चीफ प्रोवोस्ट प्रो. केके सावलानी ने आदेश जारी किया है कि यह निर्णय कुलपति के मौखिक निर्देशों के बाद लिया गया है. जारी आदेश के अनुसार, विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों की मेस और कैंटीन में अब न तो मांसाहारी भोजन पकाया जाएगा और न ही परोसा जाएगा. साथ ही छात्र-छात्राओं के आहार में प्रोटीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शाकाहारी प्रोटीन स्रोतों के समुचित उपयोग के निर्देश दिए गए हैं.

बाहर जाकर भी नॉनवेज खा सकते हैं छात्र

केजीएमयू हॉस्टल मेस में नॉनवेज खाने पर लगी रोक के मुद्दे पर मौलाना याकूब अब्बास ने कहा, 'देखिए, यह एक अंदरूनी व्यवस्था है. यह फैसला KGMU यूनिवर्सिटी प्रशासन को लेना है. इस पर किसी को भी टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है. अगर कुछ छात्र नॉनवेज खाना चाहते हैं, तो वे बाहर जाकर खा सकते हैं.'

नॉनवेज क्‍यों किया गया बैन?

केजीएमयू के चीफ प्रोवोस्ट की ओर से सभी प्रोवोस्ट को भेजे गए लेटर में कहा गया है कि आदेश का तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए. यह आदेश 14 जुलाई को जारी किया गया. केजीएमयू के प्रवक्ता प्रेम राज सिंह ने बताया, 'जैसा कि आप जानते हैं, हमारे 22वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने मांसाहारी भोजन का मुद्दा उठाया था. जहां मांसाहारी भोजन बनता है, वहां ठीक से साफ-सफाई नहीं होती. इसलिए, मैं आपको हमारी यूनिवर्सिटी के बारे में बताना चाहूंगा. सभी 22 मेस में कभी भी मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाता है. हां, कुछ छात्रों की अपनी को-ऑपरेटिव मेस है, जिसे वे खुद चलाते हैं. उसमें वे बाहर से खाना बनवाने की व्यवस्था करते हैं और अपना मांसाहारी भोजन तैयार करवाते हैं, लेकिन उन बच्चों से कहा गया है कि कॉलेज में कोई मांसाहारी खाना नहीं होगा.'

इस्लामिक सेंटर के चेयरमैन ने उठाया सवाल

वहीं, इस्लामिक सेंटर के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा, 'प्यू रिसर्च सेंटर और अन्य विभिन्न शोधों के अनुसार भारत में 61 प्रतिशत से अधिक लोग नॉनवेज का खाते हैं. जहां इतनी बड़ी संख्या में लोग नॉनवेज खाते हैं, वहां इस तरह का फैसला उचित नहीं है. चिकित्सा के दृष्टिकोण से भी डॉक्टर बताते हैं कि संतुलित और स्वास्थ्यवर्धक नॉनवेज भोजन रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) और बेहतर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है. ऐसे में प्रतिष्ठित शैक्षणिक और मेडिकल संस्थान में नॉनवेज पर प्रतिबंध लगाना निंदनीय है. उन्होंने कहा कि केजीएमयू प्रशासन को अपने इस फैसले पर फिर से विचार करते हुए इसे वापस लेना चाहिए, क्योंकि इससे छात्रों का फायदा नहीं, बल्कि नुकसान होगा.'

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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित देश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में से एक है. वर्ष 1905 में स्थापित यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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KGMU, Non-vegetarian Food Ban, King George Medical University
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