मुरादाबाद पुलिस की एसआईटी टीम ने फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी बिना किसी वास्तविक व्यापारिक गतिविधि के केवल कागजी लेनदेन दिखाकर फर्जी बिल जारी करते थे और अलग-अलग फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी का गलत फायदा पहुंचा रहे थे.
दरअसल, थाना मझोला में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि एम/एस नेशनल ट्रेडर्स नाम की फर्म का इस्तेमाल फर्जी खरीद-बिक्री दिखाने और जीएसटी चोरी करने के लिए किया जा रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एसआईटी का गठन किया गया. टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
ऐसे लगाया जाता था GST का चूना
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुरादाबाद के नागफनी थाना के किसरौल निवासी मोहम्मद फैसल उर्फ मोंटू और मेरठ के थाना देहली गेट के खैरनगर निवासी शाहनवाज के रूप में हुई है. पूछताछ में सामने आया कि मोहम्मद फैसल ने शाहनवाज के कहने पर नेशनल ट्रेडर्स के नाम से फर्म संचालित की थी. इसके जरिए केवल कागजी बिल बनाकर विभिन्न व्यापारिक फर्मों को आईटीसी का अवैध लाभ पहुंचाया जाता था और बदले में कमीशन लिया जाता था.
नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार मुरादाबाद की कई अन्य व्यापारिक फर्मों से भी जुड़े हो सकते हैं. एसआईटी अब उन सभी फर्मों और संदिग्ध लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जिनके माध्यम से फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर कर जीएसटी की चोरी की गई.
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं. इस पूरे मामले पर मुरादाबाद के एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि गिरोह का कथित मास्टरमाइंड ईशान मलिक अभी फरार है, जिसकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा.
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