- मुरादाबाद में एनआईए के डिप्टी एसपी हिमांशु मेहरा की बाइक दुर्घटना में मौत हो गई, महिला साथी गंभीर घायल हैं
- दुर्घटना कटघर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर अंडरपास के पास हुई, जहां बाइक एक कंटेनर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई थी
- घायल महिला का इलाज अस्पताल में चल रहा है और पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज से हादसे के कारणों की जांच कर रही है
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक दर्दनाक सड़क हादसे में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के डिप्टी एसपी हिमांशु मेहरा की मौत हो गई. यह हादसा कटघर थाना क्षेत्र में देर रात घटित हुआ. जानकारी के अनुसार, हिमांशु मेहरा दिल्ली स्थित एनआईए मुख्यालय में तैनात थे और बाइक से उत्तराखंड की ओर जा रहे थे. उनके साथ एक महिला मित्र भी थीं, जो इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं.
बताया जा रहा है कि जब उनकी बाइक कटघर क्षेत्र के कल्याणपुर अंडरपास के पास पहुंची, तभी वह आगे चल रहे एक कंटेनर से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दोनों सड़क पर गिर गए.
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस और स्थानीय नागरिकों की मदद से दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने हिमांशु मेहरा को मृत घोषित कर दिया. वहीं, गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज शुरू कर दिया गया है. फिलहाल उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है.
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. हिमांशु मेहरा के असामयिक निधन की खबर से उनके परिवार और विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है. पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
सावधान: रात का सफर, रहें बेहद सतर्क!
अक्सर रात या तड़के होने वाले सड़क हादसों की वजह कम दृश्यता और थकान होती है. नेशनल हाइवे या अंडरपास के पास भारी वाहनोंकी गति का सही अंदाजा न मिल पाने के कारण ऐसी दर्दनाक घटनाएं घटती हैं.
सुरक्षित नाइट ड्राइविंग के लिए इन बातों का जरूर रखें ध्यान.
- गति सीमा पर नियंत्रण: रात में हमेशा अपनी गाड़ी की रफ्तार दिन के मुकाबले कम रखें, ताकि अचानक ब्रेक लगाने पर नियंत्रण न खोए.
- भारी वाहनों से सुरक्षित दूरी: आगे चल रहे ट्रकों या कंटेनर्स से हमेशा 'सेफ डिस्टेंस' बनाकर चलें. कई बार भारी वाहनों के टेल-लाइट्स खराब होते हैं, जिससे दूर से उनका अंदाजा नहीं मिल पाता.
- हाई बीम का सही इस्तेमाल: सामने से आ रहे वाहनों के लिए अपनी हेडलाइट को 'लो-बीम' पर रखें, ताकि उनकी आँखों पर चौंध न पड़े.
- थकान होने पर ब्रेक लें: अगर लगातार ड्राइविंग से नींद या थकान महसूस हो रही हो, तो जबरदस्ती गाड़ी न चलाएं. किसी सुरक्षित जगह गाड़ी रोककर चाय-कॉफी लें या थोड़ा आराम करें.
- रिफ्लेक्टिव गियर्स का उपयोग: दोपहिया वाहन चालक रात में रिफ्लेक्टिव जैकेट या हेलमेट पर रिफ्लेक्टिव टेप का इस्तेमाल जरूर करें ताकि दूर से ही अन्य वाहनों को आपकी मौजूदगी का पता चल सके.
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