देवरिया: वेनेजुएला से भारत लाए गए भारतीय नाविक के शव से शरीर के कई अंग निकाल लिए गए. इस घटनाक्रम ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है. उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले राकेश चौहान के परिवार ने मामले की जांच करार न्याय की मांग की है. गोद में मासूम बच्चे को लिए राकेश की पत्नी रंजना चौहान ने रुंधी हुई आवाज में कहा- 'मेरे पति की हत्या की गई है. कंपनी ने बीमा भी हड़प लिया है. सरकार मामले की जांच करें और दोषियों पर कार्रवाई करे'. साथ ही, रंजना ने परिवार के सहारे के लिए सरकार से मदद की भी मांग की है.
दरअसल, देवरिया जिले के रहने वाले भारतीय नाविक राकेश चौहान की मौत 7 मई 2026 को वेनेजुएला में शिप पर ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी. करीब एक महीने के प्रयास के बाद राकेश का शव देवरिया पहुंचा तो उसे देखकर परिवार के होश उड़ गए. डॉक्टर ने भी शव देखकर पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया, बॉडी को देखकर ऐसा लग रहा था कि पहले ही उसका पोस्टमार्टम हो चुका है. घरवालों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी. देवरिया जिला जिलाधिकारी DM मधुसूदन हुल्गी के आदेश के बाद राकेश चौहान के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया, इस दौरान बॉडी के सारे पार्ट्स मिसिंग पाए गए.

पत्नी रंजना ने शिपिंग कंपनी पर क्या आरोप लगाए ?
इस जानकारी के सामने आने के बाद परिवार वाले दंग रह गए. मृतक राकेश चौहान की पत्नी रंजना चौहान ने शिपिंग कंपनी, भारत सरकार और भारतीय दूतावास को पत्र भेजकर कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. उनका आरोप है कि कंपनी द्वारा उनके पति राकेश की हत्या की गई और बीमा हड़पा गया. सरकार मामले की जांच कर दोषियों को सजा दिलाए.
भारतीय नाविक की पत्नी रंजना ने क्या कहा ?
राकेश चौहान इकलौते कमाने वाले थे, उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया. उनकी पत्नी रंजना चौहान ने कहा कि कंपनी की ओर से उसके फर्जी हस्ताक्षर किए गए और सारा सामान उन्हें सौंप दिया गया. उन्होंने कहा- मेरे पति की हत्या की गई है, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. मेरा एक बच्चा है, उसका भविष्य एकदम अंधकार में है. सरकार किसी एक सदस्य को नौकरी दे, जिससे परिवार का भरण-पोषण हो सके.

क्या बोले राकेश चौहान के पिता रामदेव?
मृतक राकेश चौहान के पिता रामदेव चौहान ने कहा- हम कंपनी के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं. उनका इकलौता बेटा कमाने वाला था. उनका एक और बेटा है, मैं हूं, बहू है, उसका 6 महीने का बेटा है, पूरा परिवार राकेश पर आश्रित था. सरकार आर्थिक मुआवजे का ऐलान करे, नौकरी दे. मेरे बेटे की हत्या की गई है. उसके शरीर से सारे अंग निकाल लिए गए, इसकी जांच होनी चाहिए.
हमारे यहां आधे अंग को काटकर रखा जाता है ?
डिप्टी सीएमओ, डॉ. संजय गुप्ता (प्रभारी पोस्टमार्टम) NDTV से बात करते हुए कहा- 'हमारे यहां जब पीएम होता है तो बॉडी के ऑर्गन्स के कुछ हिस्से काटकर रख लिए जाते हैं. जिन्हें प्रिजर्व कर लिया जाता है. लेकिन, राकेश चौहान के पूरे-पूरे अंग ही शरीर में मिसिंग है. वहां क्या होता है, इसकी जानकारी नहीं है. अपने यहां Histopathological Examination के लिए बॉडी के कुछ पार्ट्स काटकर रखे जाते हैं.
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