- कांग्रेस ने यूपी में 20 नवंबर के बाद वोट चोरी के खिलाफ ताबड़तोड़ रैलियों का आयोजन करने की योजना बनाई है
- कांग्रेस ने सपा के साथ सीट शेयरिंग को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू कर दी है
- प्रदेश कांग्रेस को रैलियों के स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं
अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव-2027 को लेकर कांग्रेस ने बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी है. कांग्रेस 20 नवंबर के बाद यूपी में कई ताबड़तोड़ रैलियां करेगी. ये रैलियां 'वोट चोरी' के खिलाफ अभियान के तहत की जाएगी. कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रही है. इससे पहले इंडिया गठबंधन की अन्य पार्टियों के साथ कांग्रेस ने दिल्ली में भी बड़ी रैली की थी.
जानकारी के अनुसार, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने राज्य में चुनावी अभियान तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है. इस सिलसिले में 20 नवंबर के बाद पार्टी ने वोट चोरी के मुद्दे को लेकर राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में रेलियों के आयोजन की रणनीति तय की है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश कांग्रेस को रैलियों के स्थल के चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं.
सीट शेयरिंग को लेकर भी सपा-कांग्रेस के बीच बातचीत जारी
यूपी विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस ने औपचारिक बातचीत शुरू कर दी है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने 175 से ज्यादा सीट की शुरुआती लिस्ट सौंपी है, जहां उसे लगता है कि वह गठबंधन में प्रभावी भूमिका निभा सकती है. कांग्रेस के उत्तर प्रदेश मामलों के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि यह सूची कुछ दिन पहले सपा नेताओं के साथ साझा की गई थी और जल्द ही दोनों दलों के नेता सीट बंटवारे पर विस्तृत चर्चा के लिए बैठेंगे.
गौतम ने कहा, 'मैं आपको सटीक संख्या नहीं बता सकता, लेकिन हमने 175 से 200 सीट की सूची सौंपी है.' उन्होंने संकेत दिया कि 403 विधानसभा सीट वाले राज्य में चुनाव से पहले पार्टी बातचीत के लिए तैयार है. कांग्रेस नेता ने कहा, 'दोनों दलों के नेतृत्व एक साथ बैठकर सीट बंटवारे की बारीकियों को तय करेंगे.'
सपा के एक वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस की प्रारंभिक सूची पर कहा, “मुझे लगता है कि हमारे नेता अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि जीतने की क्षमता ही एकमात्र मानदंड है. इसलिए कोई भी कुछ भी मांग सकता है, लेकिन राजनीति में सर्वमान्य और सार्थक समाधान तक पहुंचने के लिए दिखावे से आगे बढ़ना होगा.”
रामलीला मैदान रैली में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को घेरा
इससे पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन ने रैली की थी. इस रैली में राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को इसके लिए मुकदमे का सामना करना पड़ेगा और उन्हें जेल जाना होगा. इंडिया गठबंधन की ओर से आयोजित 'दिल्ली चलो' रैली में राहुल गांधी ने कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह सामान्य चोरी नहीं, बल्कि कानूनी भाषा में 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का मामला है. राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर ईवीएम के इस्तेमाल और मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाने के जरिए वोट चोरी करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह देशद्रोह और हर नागरिक की आवाज की चोरी के समान है.
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