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बावनखेड़ी हत्याकांड: 7 हत्याओं का दोषी सलीम 18 साल बाद जेल से आया बाहर, इस कारण मिली है पैरोल

अमरोहा के चर्चित बावनखेड़ा मर्डरकेस का आरोपी सलीम 18 साल बाद जेल से निकलकर अपने गांव पहुंचा है. बुधवार देर रात पुलिस की टीम उसे लेकर गांव पहुंची, अगले 6 दिन को परिवार के साथ रहेगा, फिर उसे जेल जाना होगा.

बावनखेड़ी हत्याकांड: 7 हत्याओं का दोषी सलीम 18 साल बाद जेल से आया बाहर, इस कारण मिली है पैरोल
अमरोहा के बहुचर्चित बावनखेड़ी हत्याकांड के दोनों आरोपी शबनम और सलीम.
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  • अमरोहा के बावनखेड़ी हत्याकांड के आरोपी सलीम को बहन की शादी में शामिल होने के लिए सात दिनों का पैरोल मिला है.
  • सलीम और उसकी प्रेमिका शबनम ने 2008 में सात लोगों को नशीली दवा देकर बेहोश कर कुल्हाड़ी से हत्या की थी.
  • इस घटना के लिए 2010 में दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई थी, जो बाद में चुनौती दी गई थी लेकिन अस्वीकृत हुई.
अमरोहा:

अमरोहा के चर्चित बावनखेड़ी हत्याकांड का आरोपी सलीम 18 साल बाद जेल से बाहर आया है. सलीम ने प्रेमिका शबनम के साथ मिलकर 7 लोगों की हत्या की थी. उसे और उसकी प्रेमिका को फांसी की सजा दी जा चुकी है. सलीम को बहन की शादी में शादी होने के लिए 7 दिनों का पैरोल मिला है. जिसके बाद वो नैनी जेल से बाहर निकला और अमरोहा स्थित अपने घर पहुंचा. बुधवार देर रात सलीम को लेकर पुलिस घर पहुंची. सुरक्षा में उसके साथ आए पुलिस कर्मियों के साथ ही हसनपुर पुलिस के सिपाही भी तैनात रहेंगे.

बहन की शादी के लिए मिला पैरोल

मिली जानकारी के अनुसार 21 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक सलीम अपनी छोटी बहन की शादी में शामिल रहेगा. इसी शादी के लिए उसे पैरोल मिला है. बताते चले कि सलीम अमरोहा के थाना हसनपुर बावन खेड़ी का रहने वाला है. उसने 2008 में प्रेमिका शबनम के साथ मिलकर एक ऐसा कांड किया था, जिस कारण वो 18 साल से जेल में बंद है. 

प्रेमिका के साथ मिलकर उसी के परिवार के 7 लोगों की हत्या

दरअसल 2008 को 14/15 अप्रैल की रात सलीम और उसकी प्रेमिका शबनम ने 7 लोगों को कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी थी. दोनों ने लोगों को चाय में नशीली दवाई मिलाकर पिलाया था, लोगों के बेहोश होने के बाद उन सभी कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी. 

2008 से ही फांसी की सजा में नैनी जेल में था सलीम

सलीमी और शबनम ने संपत्ति के लालच और शादी करने की मंशा से घटना को अंजाम दिया था. क्योंकि शबनम के पिता उसकी सलीम से शादी का इनकार कर रहे थे. इस मामले में 15 जुलाई 2010 को सेशन कोर्ट ने शबनम और प्रेमी सलीम को फांसी की सजा सुनाई थी. हालांकि दोनों ने पहले हाईकोर्ट तथा बाद में सुप्रीम कोर्ट ने दया याचिका दायर कर फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की थी. 

परंतु दोनों को राहत नहीं मिली थी. इसके साथ ही राज्यपाल व राष्ट्रपति ने भी दोनों की दया याचिका खारिज कर दी थी. फिलहाल शबनम बरेली जेल में तो सलीम प्रयागराज की नैनी जेल में बंद है. बीते दिनों मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम मर्डर केस में मुस्कान और साहिल को जब कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई, तब भी शबनम और सलीम के केस का जिक्र खबरों में आया था.

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(अमरोहा से अफसर अली का इनपुट)

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