मेरठ में तीन दिन में पति की हत्या के मामले में चार लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है. 14 अक्टूबर को मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद 16 अक्टूबर को रविता और अमरदीप को फांसी की सजा मिली. दोनों ही मामलों में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी.
मुस्कान और साहिल का मामला तो बहुत चर्चा में भी आया था. क्योंकि मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पहले अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या की. फिर उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर नीली ड्रम में भर दिए थे.
रविता ने भी प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर अपने पति अमित कश्यप को गला घोंटकर मार डाला था. दोनों ने इसके बाद बिस्तर पर एक सांप रख दिया था, ताकि ऐसा लगे कि अमित की मौत सांप काटने से हुई. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि हत्या गला घोंटकर हुई थी.
21 महिलाएं फांसी की सजा भुगत रहीं
भारत में अभी लगभग 21 महिला कैदी ऐसी हैं जिन्हें फांसी की सजा मिली है. इनमें से ज्यादातर उत्तर प्रदेश से हैं, लेकिन अभी तक किसी को फांसी नहीं हुई है.
आजाद भारत में आज तक जितनों को मौत की सजा हुई है, उनमें से 3% से भी कम महिलाएं हीं. आजाद भारत में सिर्फ एक ही महिला को मौत की सजा हुई है. 1955 में रतन बाई जैन को फांसी हुई थी. उसके बाद से किसी महिला को फांसी नहीं हुई.

यह भी पढ़ेंः मुस्कान और फांसी के फंदे बीच अभी कितने पड़ाव? जानें क्या है आगे की प्रक्रिया
रतन बाई को क्यों हुई थी फांसी?
रतन बाई जैन दिल्ली के एक फैमिली प्लानिंग क्लिनिक में मैनेजर के रूप में काम करती थी. उसे शक था कि क्लिनिक से जुड़ी तीन लड़कियों का उसके पति से संबंध था.
उसने उन तीनों के खाने-पीने में जहर मिलाकर उनकी हत्या कर दी. अदालत ने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' अपराध माना और मौत की सजा सुनाई.
अपील और दया याचिका खारिज होने के बाद रतन बाई जैन को 3 जनवरी 1955 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई. उस समय उसकी उम्र करीब 35 साल थी.
1955 के बाद से अब तक किसी और महिला को फांसी नहीं दी गई है. कई महिलाओं को मौत की सजा सुनाई गई है. जैसे- अमरोहा केस की शबनम अली, रेणुका शिंदे और सीमा गावित आदिय लेकिन उनकी सजा या तो आजीवन कारावास में बदल दी गई, या कानूनी प्रक्रिया या दया याचिका के कारण फांसी पर अमल नहीं हो सका.
यह भी पढ़ेंः मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाने वाले जज कौन हैं? 5 महीने पहले ही मेरठ हुआ था ट्रांसफर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं