- नेशनल पुलिस स्मरण दिवस पर अमित शाह ने पुलिस बलों को किया नमन
- नक्सलवाद पर बड़ी सफलता, CRPF और CoBRA की अमित शाह ने की तारीफ
- शहीद जवानों के बलिदान से मजबूत हुआ भारत: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेशनल पुलिस स्मरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में देश की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों, पुलिस बलों के बलिदान और सुरक्षा व्यवस्थाओं में हुए बदलावों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जिन तीन क्षेत्रों को लंबे समय तक देश की आंतरिक सुरक्षा के सबसे बड़े हॉटस्पॉट माना जाता था, उनमें अब शांति का माहौल है. शाह ने कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित इलाकों का उल्लेख करते हुए सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना की. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की.
कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल क्षेत्रों का किया जिक्र
नेशनल पुलिस स्मरण दिवस परेड को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीते वर्षों में देश को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन तीन ऐसे क्षेत्र थे जिन्हें दशकों तक आंतरिक सुरक्षा के गंभीर हॉटस्पॉट माना जाता रहा.
#WATCH | Delhi: Union Home Minister Amit Shah says, "Over the past few years, the country faced several challenges, three of which had persisted for decades and were considered critical hotspots for our internal security: Kashmir, the Northeast, and the regions affected by 'Red Terror'. Today, peace prevails in all three of these hotspots... In Kashmir, we have largely succeeded in reining in terrorism. Following various peace agreements and the laying down of arms by thousands of individuals, the entire Northeast is now on a path toward peace. Our police forces and CAPF personnel have achieved significant success in completely eradicating the Naxalite menace, a problem that had persisted for five decades across several states." He adds, "I would like to extend my heartfelt appreciation and congratulations, in particular, to the CRPF and the CoBRA battalions for their role in ending Naxalism. Similarly, the Chhattisgarh Police have also demonstrated immense bravery, perseverance, and patience, dedicating their all to tackling this challenge; I wish to express my deep gratitude to them as well."
— ANI (@ANI) October 21, 2026
उन्होंने कहा कि विभिन्न शांति समझौतों और हजारों लोगों द्वारा हथियार छोड़ने के बाद पूरा पूर्वोत्तर क्षेत्र शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है. वहीं पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) ने पांच दशक पुरानी नक्सल समस्या के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है.
CRPF और CoBRA बटालियन की जमकर सराहना
अमित शाह ने विशेष रूप से CRPF और CoBRA बटालियनों की भूमिका की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में इन बलों ने उल्लेखनीय योगदान दिया है. गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, धैर्य और समर्पण की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस ने इस चुनौती से निपटने के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया और इसके लिए वह उनका आभार व्यक्त करते हैं.
पुलिस सेवा को बताया सबसे कठिन जिम्मेदारी
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि देश की सभी सरकारी सेवाओं में पुलिस सेवा सबसे कठिन सेवाओं में से एक है. उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के लिए हर त्योहार परिवार के साथ खुशी मनाने का अवसर होता है, लेकिन पुलिसकर्मियों के लिए ऐसा नहीं होता. जब देश के लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, यातायात और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगे रहते हैं. उन्होंने कहा कि जीवन के स्वर्णिम वर्षों को परिवार से दूर रहकर राष्ट्र को समर्पित करना बहुत बड़ी सेवा है.
#WATCH | Delhi: Union Home Minister Amit Shah says, "The year 2026 stands as a highly significant milestone for the Indian police. On March 31, 2026, the nation finally attained freedom from the scourge of Naxalism, a menace that had plagued the country for decades. Since 1981, Naxalism has inflicted deep wounds across several districts, claiming the lives of countless innocent security personnel and civilians. Chhattisgarh, in particular, has suffered the highest number of casualties among our security forces. Furthermore, more than 13,700 innocent civilians have lost their lives. Today, on the occasion of Police Commemoration Day, I wish to pay my heartfelt tribute to all those martyred personnel. To their families, I want to say this: if the nation is moving forward on the path of development today, having overcome a problem that persisted for five decades, it is because the sacrifice of 3,600 brave personnel serves as its foundation. The entire nation expresses its profound gratitude for the sacrifices made by your loved ones."
— ANI (@ANI) October 21, 2026
1959 के हॉट स्प्रिंग बलिदान को किया याद
गृह मंत्री ने 21 अक्टूबर 1959 की हॉट स्प्रिंग घटना का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि लद्दाख के दुर्गम हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में CRPF के 10 जवानों ने चीनी सेना के हमले का डटकर मुकाबला करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था. शाह ने कहा कि कठिन परिस्थितियों और प्रतिकूल हालात के बावजूद उन जवानों ने देश की एक इंच जमीन भी किसी विदेशी शक्ति के हाथ में नहीं जाने देने का संकल्प निभाया. उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मरण दिवस मनाया जाता है.
शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
अमित शाह ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक हजारों पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के जवानों ने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए हैं. उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व में सम्मानजनक स्थान रखता है तो उसकी नींव में सुरक्षा बलों और पुलिस जवानों का बलिदान शामिल है. यदि इन जवानों ने सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान न दिया होता, तो देश की स्थिति अलग हो सकती थी. कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने नेशनल पुलिस मेमोरियल पहुंचकर कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए जवानों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों, जवानों और शहीद परिवारों के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया.
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