विज्ञापन
This Article is From Sep 25, 2025

पाकिस्तानी महिला शुमायला खान की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक, यूपी में कर रही थी सरकारी टीचर की नौकरी

कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में मुख्य मुद्दा याचिकाकर्ता की नागरिकता से संबंधित है. ऐसे में अगली सुनवाई की तारीख तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.

पाकिस्तानी महिला शुमायला खान की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक, यूपी में कर रही थी सरकारी टीचर की नौकरी
शुमायला खान की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की रोक
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुमायला खान की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उसे अंतरिम राहत प्रदान की है
  • शुमायला खान पर पाकिस्तान की नागरिकता छुपाकर फर्जी निवास प्रमाणपत्र से टीचर बनने का आरोप है
  • आरोपी ने फतेहगंज वेस्ट थाने में दर्ज FIR को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है
Uttar Pradesh:

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तान की नागरिकता छुपा कर बरेली के प्राइमरी स्कूल में असिस्टेंट टीचर की नौकरी करने की आरोपी शुमायला खान उर्फ फुरकाना को अंतरिम राहत देते हुए उसकी गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. आरोपी टीचर ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और एफआईआर को रद्द करने की मांग की है. इस मामले की अगली सुनवाई सात अक्टूबर को होगी. यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अब्दुल शाहिद की डबल बेंच ने दिया है.

फर्जी निवास प्रमाणपत्र से टीचर बनने का आरोप

मामले के अनुसार याची शुमायला खान उर्फ फुरकाना के ​खिलाफ बरेली के फतेहगंज वेस्ट थाने में 14 जनवरी 2025 को एफआईआर दर्ज हुई थी. ये एफआईआर खंड शिक्षा अधिकारी भानु शंकर गंगवार ने दर्ज कराई थी. याची शुमायला खान पर आरोप है कि वो पाकिस्तानी नागरिक है और फर्जी निवास प्रमाणपत्र के आधार पर वह प्राथमिक विद्यालय में असिस्टेंट टीचर बनी है. वह 6 नवंबर 2015 से बरेली जिले के फतेहगंज ब्लॉक के माधोपुर स्थित एक प्राइमरी स्कूल में पढ़ा रही थी याची ने दर्ज मुकदमे के ​खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दा​खिल की है. मुकदमा रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई है. 

कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में मुख्य मुद्दा याचिकाकर्ता की नागरिकता से संबंधित है. ऐसे में अगली सुनवाई की तारीख तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. ये मामला काफी सुर्ख़ियों में रहा है.

2015 में प्राथमिक स्कूल माधोपुर में नौकरी हासिल की

बता दें कि शुमायला पर आरोप लगा है कि वो पाकिस्तान की नागरिक है और भारत में अवैध रूप से निवास कर रही है. साथ ही बरेली के फतेहगंज ब्लॉक के में प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं और  फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति हासिल की है. उन्होंने रामपुर में तहसीलदार सदर के नाम से फर्जी निवास प्रमाण पत्र तैयार कर 2015 में प्राथमिक स्कूल माधोपुर में नौकरी हासिल की है. शिक्षा विभाग की जांच में जब दस्तावेजों की पड़ताल की गई तो सच्चाई सामने आई. इसके बाद अक्टूबर 2024 में आरोपी महिला टीचर को निलंबित कर दिया गया. बरेली के फतेहगंज वेस्ट थाने में शुमायला खान के खिलाफ IPC की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज हुआ था.

लापता है आरोपी टीचर

कोर्ट में तर्क दिया गया कि निवास प्रमाण पत्र के निरस्तीकरण के खिलाफ याची ने पहले ही एक याचिका दाखिल कर रखी है जिसमें सुनवाई भी हो चुकी है. इस पर हाईकोर्ट ने दोनों मामलों की एकसाथ सुनवाई का आदेश दिया है. सात अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी. हालांकि मामला दर्ज होने के बाद ये भी सामने आया कि आरोपी टीचर लापता है और उसे यूपी पुलिस ढूंढ रही है. लेकिन अब शुमायला खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने वकीलों के जरिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली है.

यह भी पढ़ेंः दादरी कांड पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का अल्टीमेटम, योगी सरकार से कर दी ये डिमांड

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Allahabad High Court, Pakistani Woman Shumaila Khan, Shumaila Khan UP Teacher, Uttar Pradesh News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com