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JDU से केसी त्यागी की छुट्टी! हालिया बयानों से पार्टी थी खफा

जेडीयू सूत्रों के मुताबिक केसी त्यागी की पार्टी से छुट्टी हो गई है. पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के बयान से स्पष्ट है कि जेडीयू का उनसे अब कोई संबंध नहीं है.

JDU से केसी त्यागी की छुट्टी! हालिया बयानों से पार्टी थी खफा
  • जेडीयू ने केसी त्यागी पर एक्शन लिया है. पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है.
  • पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि त्यागी का भारत रत्न पर बयान उनकी निजी राय है, पार्टी से संबंधित नहीं.
  • केसी त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा था.
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जेडीयू के आला सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेता केसी त्यागी का पार्टी में अध्याय अब समाप्त हो गया है. पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह साफ हो गया कि जेडीयू का त्यागी से अब कोई संबंध नहीं है. सूत्रों की मानें तो पार्टी से उनकी विदाई हो चुकी है.

फिलहाल नहीं होगी औपचारिक कार्रवाई

हालांकि, उनके पुराने संबंधों को देखते हुए फिलहाल औपचारिक कार्रवाई नहीं की जाएगी. राजीव रंजन ने कहा था कि भारत रत्न को लेकर त्यागी का बयान उनकी निजी राय है और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'त्यागी जी का जेडीयू के मामलों से अधिक संबंध नहीं है. वे पार्टी में हैं भी या नहीं, यह कार्यकर्ताओं को भी नहीं पता है.'

नीतीश के लिए की थी भारत रत्न की मांग

इससे पहले त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. राजनीतिक गलियारों में इस कदम को डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जा रहा था, क्योंकि हाल ही में त्यागी कई विवादों में रहे हैं.

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त्यागी की चिट्ठी से खड़ा हुआ विवाद

केसी त्यागी ने अपने पत्र में लिखा था कि जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिया गया था, उसी तरह  नीतीश कुमार भी इस सम्मान के हकदार हैं. उन्होंने NDTV से बातचीत में कहा, 'बिहार और देश के प्रति नीतीश कुमार की सेवाओं को सम्मान देने का इससे अच्छा कदम नहीं हो सकता.'

त्यागी ने यह भी तर्क दिया कि जीवित व्यक्ति को भारत रत्न देने के कई उदाहरण हैं. जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, लता मंगेशकर और प्रणब मुखर्जी को यह सम्मान मिला है.

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त्यागी का विवादित इतिहास

राजनीतिक गलियारों में त्यागी की चिट्ठी के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं. माना जा रहा है कि यह कदम डैमेज कंट्रोल के लिए उठाया गया है. दरअसल, त्यागी हाल ही में कई विवादों में रहे हैं. उन्होंने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को हटाने के फैसले का विरोध किया था. इसके अलावा, 2024 में फिलिस्तीन मुद्दे पर भारत सरकार से अलग स्टैंड लिया था. इन विवादों के चलते उन्हें सितंबर 2024 में राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

क्या था IPL खिलाड़ी से जुड़ा विवाद

आईपीएल से बांग्लादेशी क्रिकेट खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया गया था. ऐसा बीसीसीआई के निर्देश के बाद किया गया था. फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के स्वामित्व वाली कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को खरीदा था लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर क्रूर अत्याचार और उनकी हत्याओं के बाद भारत में इसका तीखा विरोध हुआ था. बाद में बांग्लादेश ने हिंदू क्रिकेटर लिट्टन दास को अपनी राष्ट्रीय टीम का कप्तान बनाया था.

त्यागी ने ली थी पार्टी से अलग लाइन 

लेकिन जेडीयू नेता के सी त्यागी ने अलग लाइन ली. उन्होंने कहा था कि खेल और राजनीति को मिलाना नहीं चाहिए,  वैसे उन्होंने स्वीकार किया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों से भारतीय समाज आक्रोशित है, लेकिन खेल को राजनीति से अलग रखते हुए मुस्तफिजुर को IPL में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए.

पार्टी की नाराज़गी

जेडीयू सूत्रों ने त्यागी के हालिया बयान पर नाराज़गी जताई है. उनका कहना है कि पार्टी का इस मामले पर कोई स्टैंड नहीं है.

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