उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए गैंगलीडर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से कुल 7 लाख 70 हजार रुपये की नकली भारतीय करेंसी (Fake Indian Currency) बरामद की गई है. गोरई थाना पुलिस और क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग (देहात) की संयुक्त टीम की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है.
पुलिस के अनुसार, गोरई थाने में दर्ज मुकदमे के तहत कार्रवाई करते हुए टीम ने लंबे समय से सक्रिय इस गैंग का खुलासा किया. गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान जिकरूल हसन पुत्र अहमद हसन निवासी भुजपुरा (कासगंज), बसीम पुत्र नसीम निवासी ख्याला (नई दिल्ली), आसिफ पुत्र मोहम्मद शकील निवासी कासगंज और फरमान पुत्र वासिफ निवासी ख्याला के रूप में हुई है. इनमें जिकरूल हसन को गैंग का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है.

दिल्ली-यूपी में नकली नोटों की सप्लाई
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नकली नोटों की सप्लाई करता था. गैंग के सदस्य बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में असली नोटों के साथ नकली करेंसी खपाने का काम करते थे. पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बड़ी मात्रा में नकली नोटों की खेप लेकर सक्रिय हैं, जिसके बाद थाना गोरई पुलिस और क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दबोच लिया.
नोटों की फैक्ट्री का सुराग नहीं
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7.70 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां छापे जा रहे थे और इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं. मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है.
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (अलीगढ़) ने बताया कि गोरई पुलिस और क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग की संयुक्त कार्रवाई में नकली नोटों की तस्करी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग का खुलासा किया गया है. चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 7.70 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की है. मामले की विस्तृत जांच जारी है.
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