देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने नियमों में बड़ा संशोधन करते हुए 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026' लागू कर दिया है. इस फैसले से अब ग्राहकों को साल में 13 के बजाय सिर्फ 12 बार ही रिचार्ज कराना पड़ेगा.
30 Days Validity Cheap Recharge Plans: नए नियमों के तहत अब रिलायंस जियो, एयरटेल, बीएसएनएल और वोडाफोन आइडिया जैसी सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों को पूरे 30 दिन की वैधता (Validity) वाले प्लान्स के साथ-साथ बिना डेटा वाले किफायती Voice Only पैक्स पेश करने होंगे. ट्राई के इस कदम का स्वागत करते हुए भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने इसे भारत सरकार और नियामक का एक जनहितैषी और ऐतिहासिक फैसला करार दिया है.
Good news for Prepaid Mobile Users in India
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) September 27, 2026
The Govt just introduced Telecom Consumer Protection (Thirteenth Amendment) Regulations, 2026, consumers will now have:
• 30-day recharge plans, reducing the need for 13 monthly recharges to 12 in a year
• Voice and SMS-only plans… pic.twitter.com/mfWVfMWNqR
उपभोक्ताओं को मिलेंगे ये 2 सबसे बड़े फायदे
1- ट्राई के नए रेगुलेशंस लागू होने के बाद प्रीपेड मोबाइल ग्राहकों को दो मुख्य मोर्चों पर सीधी बचत और सस्ती सुविधा मिलेगी. पहला ये कि अब साल में 13 नहीं, बल्कि 12 बार ही रिचार्ज कराने होंगे. दरअसल 28 दिनों की वैधता वाले प्लान की वजह से अब तक ग्राहकों को एक साल यानी 365 दिन में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता था.
2- वहीं, अब 30 दिन की पूरी कैलेंडर वैलिडिटी वाले प्लान्स आने से ग्राहकों को साल में सिर्फ 12 बार ही रिचार्ज कराना होगा, जिससे एक पूरे महीने के रिचार्ज का खर्च बचेगा. इसके अलावा, सिर्फ वॉयस और एसएमएस प्लान्स भी टेलीकॉम कंपनियों को पेश करने होंगे. इससे ऐसे उपभोक्ताओं को फायदा होगा, जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं है. उन्हें अब डेटा पैक का अतिरिक्त चार्ज नहीं देना पड़ेगा. कंपनियों को सिर्फ वॉयस कॉलिंग और SMS आधारित बेहद सस्ते प्लान पेश करने होंगे.
संसद में उठी थी 28 दिन वाले प्लान्स के खिलाफ आवाज
टेलीकॉम कंपनियों की ओर से महीने में 30 या 31 दिन होने के बावजूद 28 दिन की वैलिडिटी देने की इस टेलिकॉम कंपनियों के खिलाफ संसद में पुरजोर आवाज उठाई गई थी. 11 मार्च को राज्यसभा में सांसद राघव चड्ढा ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से दखल देने और उपभोक्ताओं के आर्थिक शोषण से बचाने की मांग की थी. लिहाजा, उपभोक्ताओं की इस लंबे समय से चली आ रही शिकायत और संसद में उठी मांग को स्वीकार करते हुए सरकार और ट्राई ने यह नया नियम बनाकर ग्राहकों को बड़ी राहत दी है.
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बुजुर्ग समेत 30 करोड़ बेसिक यूजर्स को सीधा लाभ
देश में स्मार्टफोन और 5G सेवाओं के विस्तार के बावजूद आज भी लगभग 30 करोड़ लोग फीचर फोन यानी कीपैड मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. दरअसल, बुजुर्गों को महंगे डेटा पैक की जरूरत नहीं होती है. उनके लिए कॉलिंग ओनली प्लान सबसे मुफीद साबित होते हैं. इसके अलावा, कुछ लोग दूसरा सिम सिर्फ बैंक OTP या इनकमिंग कॉल्स के लिए चालू रखते हैं. ऐसे उपभोक्ताओं और ग्रामीण परिवारों अब काफी राहत मिलेगी.
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