आप ट्रेन में चढ़े, अपनी सीट ढूंढी, सामान रखा और जैसे ही खिड़की से बाहर देखना शुरू किया, तभी अनाउंसमेंट होती है "यात्रियों कृपया ध्यान दें, आपका स्टेशन आ गया है." चौंक गए न? लेकिन यह कोई मजाक नहीं, बल्कि 100 फीसदी सच है. हमारे देश में जहां ट्रेन के सफर दिनों-दिन लंबे होते हैं, वहीं एक ऐसा रेल रूट भी है जो शुरू होते ही खत्म हो जाता है. कुल जमा तीन किलोमीटर की दूरी और वक्त लगता है सिर्फ 7 मिनट. महाराष्ट्र के नागपुर जंक्शन (NGP) से अजनी (AJNI) के बीच चलती है देश की सबसे छोटी दूरी की ट्रेन. अमूमन इस 3 किलोमीटर के फासले को तय करने में अलग-अलग ट्रेनों को महज 7 से 9 मिनट का समय लगता है. भारतीय रेल के इस विशाल नेटवर्क में यह सफर किसी अजूबे से कम नहीं है.
साल 1853 में जब देश की पहली पैसेंजर ट्रेन मुंबई (बोरीबंदर) से ठाणे के बीच चली थी, तो उसने करीब 34 किलोमीटर का सफर तय किया था. लेकिन हमारी नागपुर-अजनी ट्रेन तो उस पहली ऐतिहासिक दूरी के दसवें हिस्से के बराबर भी नहीं चलती.
आखिर इस ट्रेन में सफर कौन करता है?
अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि भला सिर्फ 3 किलोमीटर के लिए कौन ट्रेन पकड़ेगा? तो आपको बता दें कि यह कोई तमाशा नहीं, बल्कि रोजगार और पढ़ाई के लिए आने-जाने वालों की जरूरत है. नागपुर एक बड़ा शहर है. जो लोग शहर के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी इलाकों की तरफ जाते हैं, उनके लिए यह शॉर्टकट बेहद आरामदायक और ट्रैफिक के झंझट से बचाने वाला साबित होता है.
किराया सुनेंगे तो कान खड़े हो जाएंगे
इस 7 मिनट के सफर का किराया भी किसी को भी हैरान कर सकता है. अगर आप जनरल डिब्बे में जाते हैं, तो जेब से सिर्फ 60 रुपये ढीले करने होंगे. लेकिन अगर रईसी ठाट-बाट से फर्स्ट क्लास एसी (AC 1-Tier) में सफर करना है, तो इस 3 किलोमीटर के लिए आपको पूरे 1,255 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं. तो अगली बार नागपुर जाएं, तो इस 7 मिनट के सफर का लुत्फ उठाना मत भूलिएगा.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं