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दिवाली पर कोई भी गाड़ी लोन पर खरीदने से पहले 5 बातों का जरूर रखें ध्यान, जानें एक्सपर्ट एडवाइस

त्योहार के उत्साह में आकर बिना सोचे-समझे गाड़ी फाइनेंस कराना आपके लिए भविष्य में परेशानी उठानी पड़ सकती है. बुकिंग करने से पहले इन 5 जरूरी बातों का जरूर ध्यान रखें.

दिवाली पर कोई भी गाड़ी लोन पर खरीदने से पहले 5 बातों का जरूर रखें ध्यान, जानें एक्सपर्ट एडवाइस
दिवाली पर गाड़ी फाइनेंस कराने से पहले रखें जरूरी बातों का ध्यान
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स
  • दिवाली पर गाड़ी फाइनेंस करवाने से पहले जरूरी बातों का रखें ध्यान.
  • लोन की EMI देखकर या ऑफर देखकर बुकिंग में जल्दबाजी न करें.
  • बिना सोचे-समझे गाड़ी फाइनेंस कराना परेशानी में डाल सकता है.

दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही ऑटोमोबाइल बाजार में रौनक बढ़ जाती है. इस त्योहारी सीजन में कार और बाइक कंपनियों द्वारा ग्राहकों को लुभाने के लिए ढेरों आकर्षक ऑफर्स, डिस्काउंट और स्पेशल डील्स दी जाती हैं. इसके साथ ही, बैंक और फाइनेंस कंपनियां भी बेहद कम ब्याज दरों और आसान किस्तों (EMI) पर व्हीकल लोन के ऑफर पेश करती हैं. यही वजह है कि बहुत से लोग दिवाली के शुभ मौके पर नई गाड़ी घर लाना पसंद करते हैं.

लेकिन, त्योहार के उत्साह में आकर बिना सोचे-समझे गाड़ी फाइनेंस कराना आपके लिए भविष्य में परेशानी उठानी पड़ सकती है. इस बारे में आईआईसी बैंक के लोन डिपार्टमेंट में काम कर चुकी स्नेहा तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अगर आप भी इस दिवाली लोन पर गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो बुकिंग करने से पहले इन 5 जरूरी बातों का जरूर ध्यान रखें.

केवल कम EMI देखकर नहीं लें लोन

लोन कंपनियां अक्सर विज्ञापनों में बेहद कम EMI का बोर्ड लगाकर ग्राहकों को आकर्षित करती हैं. लेकिन सिर्फ मंथली किस्त कम देखकर लोन लेने की गलती नहीं करें. कई बार किस्त को कम रखने के लिए लोन की अवधि (Tenure) को बहुत लंबा (जैसे 7 या 8 साल) कर दिया जाता है. लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, आपको कुल मिलाकर उतना ही अधिक ब्याज चुकाना पड़ेगा. इसलिए, हमेशा ब्याज की कुल दर और प्रोसेसिंग फीस की जांच करें, न कि केवल मंथली किस्त की.

डाउन पेमेंट में न लगाएं पूरी सेविंग

गाड़ी खरीदते समय लोन की राशि और EMI को कम करने के चक्कर में कभी भी अपनी पूरी सेविंग को डाउन पेमेंट में खर्च न करें. हमेशा याद रखें कि गाड़ी एक डेप्रिसिएटिंग एसेट है, जिसका मूल्य समय के साथ घटता है. डाउन पेमेंट करने के बाद भी आपके पास एक सुरक्षित इमरजेंसी फंड बचा होना चाहिए, ताकि भविष्य में नौकरी या मेडिकल से जुड़ी किसी भी आपातकालीन स्थिति में आपको आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े.

लोन की शर्तें और हिडन चार्जेस ध्यान से पढ़ें

दिवाली ऑफर्स को देखकर अक्सर ग्राहक लोन एग्रीमेंट में लिखे नियमों को पढ़ना भूल जाते हैं. लोन फाइनल करने से पहले फोरक्लोज़र चार्जेस और प्री-पेमेंट पेनल्टी के नियमों को अच्छी तरह समझ लें. इसका मतलब यह है कि अगर भविष्य में आपके पास पैसा आता है और आप लोन को समय से पहले बंद करना चाहते हैं, तो बैंक आपसे अतिरिक्त चार्ज वसूलेगा या नहीं. इसके अलावा, फाइल चार्ज और हिडन डॉक्यूमेंटेशन फीस की भी पूरी जानकारी लें.

अपनी जेब के अनुसार तय करें लोन की अवधि

लोन का समय तय करते समय अपनी वर्तमान आय और भविष्य के खर्चों का सही आकलन करें. कार लोन के लिए आमतौर पर 3 से 5 साल की अवधि को सबसे आदर्श माना जाता है. इससे ज्यादा लंबी अवधि का लोन लेने पर आप गाड़ी की वास्तविक कीमत से बहुत ज्यादा पैसा सिर्फ ब्याज के रूप में चुका बैठेंगे. लोन का टाइम इस तरह सेट करें कि आपकी मासिक EMI आपकी कुल इन-हैंड सैलरी के 15 से 20 प्रतिशत से अधिक न हो.

ऑफर देखकर नहीं करें तुरंत बुकिंग

डीलर अक्सर सीमित समय का ऑफर या स्टॉक खत्म होने वाला है कहकर ग्राहकों पर तुरंत बुकिंग करने का दबाव बनाते हैं. ऐसे दबाव में आकर जल्दबाजी में कोई भी फैसला न लें. बुकिंग करने से पहले अलग-अलग बैंकों  के व्हीकल लोन के ऑफर्स की तुलना करें. साथ ही, दो से तीन अलग-अलग डीलर्स के पास जाकर डिस्काउंट और एक्सेसरीज के ऑफर्स को री-चेक करें. पूरी तरह संतुष्ट होने और पेपरवर्क समझने के बाद ही गाड़ी बुक करें.

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