सोसाइटी या किसी कॉमन एरिया में फलदार या आम जैसे फलों का पेड़ लग जाने पर अक्सर आसपास के लोग उस पर अपना हक जताने लग जाते हैं. कई बार ऐसी स्थिति विवाद और झगड़े का कारण भी बन जाती है. दरअसल, कुछ लोग इन पेड़ों से दूसरों को फल या फूल तोड़ने नहीं देते, जबकि खुद इसका पूरा लाभ उठाते हैं. ऐसे में लोगों के मन में अक्सर सवाल उठता है कि किसी सोसाइटी या कॉमन एरिया में लगे पेड़ पर आखिर मालिकाना हक किसका होता है? क्या कोई एक व्यक्ति उस पर दावा कर सकता है या फिर उसका इस्तेमाल सभी निवासियों को करने का अधिकार है? आइए, जानते हैं इस बारे में...
क्या किसी कॉमन प्रॉपर्टी में लगे पेड़ का होता है कोई 1 मालिक?
जी नहीं, सोसाइटी के अंदर या फिर किसी कॉमन एरिया में लगे फलों या किसी अन्य तरह के पेड़ और उसके फलों पर पूरी तरह से किसी एक व्यक्ति का हक नहीं होता है और ना ही रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) या हाउसिंग सोसाइटी का ग्रुप इसपर अपना मालिका हक जता सकता है.
RWA तय नहीं कर सकती है मालिकाना हक
इतना ही नहीं, कोई भी RWA या फिर हाउसिंग सोसाइटी ग्रुप इस पेड़ पर अपना मालिका हक या फिर यह बिल्कुल भी तय नहीं कर सकती है कि इस पेड़ पर किसका अधिकार है. वह ऐसी स्थिति में अपना न्यूट्रल जवाब देकर बच सकती है.
आखिर फिर किसका होता है हक
किसी भी कॉमन एरिया या फिर सोसाइटी में लगे पेड़ या उस पेड़ में लगे फलों का मालिक, सिर्फ कोई एक व्यक्ति या फिर परिवार नहीं होता है. इन पेड़ और फलों पर सोसाइटी के सभी फ्लैट मालिकों का संयुक्त अधिकार होता है. वहीं, अगर यह पेड़ किसी किसी हाउसिंग सोसाइटी या अपार्टमेंट में लगा है, तो इसका रख-रखाव और प्रबंधन रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की ओर से किया जाता है.
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