- संचार साथी पोर्टल के माध्यम से अब तक 60.96 लाख से अधिक चोरी या खोए हुए मोबाइल ब्लॉक किए जा चुके हैं.
- चोरी या खोया मोबाइल पाने के लिए पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराना और टेलीकॉम ऑपरेटर से डुप्लीकेट सिम लेना आवश्यक है.
- संचार साथी पोर्टल पर IMEI नंबर, मोबाइल नंबर, पुलिस शिकायत संख्या सहित फॉर्म भरकर मोबाइल ब्लॉक किया जा सकता है.
Sanchar Saathi Portal : संचार मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, संचार साथी पोर्टल की मदद से अब तक 60.96 लाख से अधिक चोरी या खोए हुए मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए जा चुके हैं और 14 लाख से ज्यादा फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे गए हैं. अगर आपका स्मार्टफोन भी गुम या चोरी हो जाता है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. दरअसल, टेलीकॉम फ्रॉड को रोकने और नागरिकों के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए संचार मंत्रालय, पुलिस और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के बेहतर समन्वय से बड़ी सफलता मिल रही है.
खोया या चोरी हुआ मोबाइल ऐसे करें ब्लॉक
अगर आपका फोन चोरी हो गया है या कहीं गिर गया है, तो इसे पूरे देश में ब्लॉक करने के लिए इन आसान चरणों का पालन करें.
- सबसे पहले अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या राज्य पुलिस के ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल पर मोबाइल खोने की पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराएं.
- इसके बाद अपने टेलीकॉम ऑपरेटर के स्टोर पर जाकर उसी नंबर का डुप्लीकेट सिम जारी करवाएं.
- TRAI के नियमों के मुताबिक नए सिम पर SMS सेवा 24 घंटे बाद शुरू होती है, जिसकी आवश्यकता आपको OTP के लिए पड़ेगी.
ये जरूरी दस्तावेज रखें तैयार
- पुलिस रिपोर्ट की कॉपी .
- एक वैध पहचान पत्र जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि.
- मोबाइल का खरीद बिल यदि उपलब्ध हो.
संचार साथी पोर्टल पर फॉर्म भरें
- आधिकारिक वेबसाइट www.sancharsaathi.gov.in पर जाएं या ऐप खोलें और Block Lost या Stolen Mobile पर क्लिक करें.
- फॉर्म में अपने मोबाइल की जानकारी जैसे IMEI नंबर, मोबाइल नंबर, गुम होने का स्थान, तारीख और पुलिस शिकायत संख्या दर्ज करें.
- अपने पहचान पत्र और एफआईआर की कॉपी अपलोड करें और नए जारी हुए सिम नंबर पर प्राप्त OTP डालकर फॉर्म सबमिट कर दें.
फॉर्म जमा करने के बाद क्या होगा?
फॉर्म सबमिट होते ही आपको एक यूनिक Request ID प्राप्त होगी. इसे सुरक्षित रखें, इसके जरिए आप पोर्टल पर अपने एप्लीकेशन का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं.
आपकी रिक्वेस्ट प्रोसेस होते ही वह मोबाइल हैंडसेट देश के सभी टेलीकॉम नेटवर्क पर पूरी तरह से ब्लॉक हो जाएगा और उसमें कोई भी दूसरा सिम कार्ड काम नहीं करेगा.
यदि कोई व्यक्ति ब्लॉक किए गए उस फोन को चालू करने या उसमें सिम डालने की कोशिश करेगा, तो तुरंत उसकी लोकेशन ट्रैकिंग रिपोर्ट जेनरेट होगी और खुद ब खुद पुलिस के साथ शेयर हो जाएगी, जिससे पुलिस के लिए फोन को बरामद करना बेहद आसान हो जाएगा. जब पुलिस आपका फोन बरामद कर ले, तो आप इसी पोर्टल पर अपनी Request ID डालकर फोन को दोबारा Unblock भी कर सकते हैं.
संचार साथी मोबाइल ऐप हिंदी, अंग्रेजी और 21 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिसे अब तक 2.8 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है.
डिजिटल सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए संचार साथी प्लेटफॉर्म पर कई अन्य महत्वपूर्ण फीचर्स भी जोड़े गए हैं, जो साइबर फ्रॉड रोकने के साथ ही संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद करने में भी कारगर साबित हो रहे हैं. इस ऐप के चक्षु (Chakshu) सुविधा की मदद से संदिग्ध और धोखाधड़ी वाले कम्यूनिकेशन के संबंध में 12.80 लाख से अधिक शिकायतें मिलीं, जिसके आधार पर 50 लाख से ज्यादा संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए. वहीं, फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर सिस्टम के जरिए 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के संभावित साइबर फ्रॉड और वित्तीय नुकसान को समय रहते रोका गया.
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