काफी लोग मौजूदा समय में शेयर मार्केट और म्युचूअल फंड में पैसा लगाना चाहते हैं, क्योंकि यहां ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना होती है. लेकिन इसमें जोखिम भी बहुत है और निवेश करने वाली कंपनी का चुनाव करना भी काफी कठिन है. SIP में आम तौर पर 10 प्रतिशत से ज्यादा के रिटर्न का दावा किया जाता है, लेकिन सच्चाई है कि हाल के कुछ सालों में शेयर मार्केट की चाल सबकुछ उलट-पलट कर दिया है. लोग SIP से पैसे निकाल रहे हैं. जबकि शेयर बाजार में पैसा लगाने से कतरा रहे हैं. ऐसे में राजेश के पैसे डबल करने की कहानी काफी दिलचस्प है.
दरअसल, राजेश एक कंपनी में काम करता है और उसकी सैलरी करीब 45 हजार रुपये हैं. हालांकि कुछ साल पहले उसने जब निवेश करने की योजना बनाई तो उस वक्त उसकी सैलरी 25 हजार रुपये थी. पहले तो उसने SIP में इनवेस्ट करने का मन बनाया. लेकिन बाजार की जोखिमों और फंड चुनने के कंफ्यूजन से वह परेशान होकर दूसरा रास्ता अपनाया. उसने SIP छोड़ पैसे डबल करने वाली सरकारी स्कीम में अपना निवेश किया. जहां न कोई रिस्क यानी जोखिम था साथ ही पैसे की पूरी सिक्योरिटी भी थी. स्कीम में निश्चित ब्याज ने उसके पैसे को डबल कर दिया.
राजेश ने चुना KVP में निवेश करने का विकल्प
राजेश ने अपने पैसे की सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कीम KVP यानी किसान विकास पत्र में अपना पैसे को निवेश करने की योजना बनाई. उसने साल 2016 से प्रत्येक वर्ष 25 हजार रुपये का किसान विकास पत्र खरीदा अब साल 2026 में प्रत्येक KVP पर लगाए गए पैसे की दोगुनी रकम मिल रही है. उसका पैसा कोरोना के वक्त भी सुरक्षित था और निश्चित ब्याज दर मिल रहे थे.
क्या है किसान विकास पत्र (KVP)
किसान विकास पत्र यानी KVP एक सरकारी योजना है, जिसे आप पोस्ट ऑफिस में खाते के रूप में खुलवा सकते हैं. अच्छी बात यह है कि इसमें निवेश करने की अधिकतम सीमा नहीं होती है, इसके साथ ही आप महज 1000 रुपये से इसमें निवेश शुरू कर सकते हैं. आप चाहें तो इसमें हर महीने या हर साल KVP खरीद कर निवेश कर सकते हैं. यह पैसे डबल करने की स्कीम है, जिसमें ब्याज दर निश्चित होती है और निश्चित समय में निवेश किया गया पैसा दोगुना हो जाता है. वहीं सरकारी योजना की वजह से आपका पैसा भी सुरक्षित होता है.
किसान विकास पत्र पर मौजूदा समय में 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता है. इसके तहत निवेश किया गया पैसा 115 महीने यानी कि 9 साल 7 महीने में डबल हो जाता है. किसान विकास पत्र खरीदने के लिए आपको अपना पहचान पत्र और PAN कार्ड देना होता है और पोस्ट ऑफिस में एक आवेदन फॉर्म भरकर जमा करना होता है. आप चाहें तो निवेश के ढाई साल बाद इस पैसे को निकाल सकते हैं. हालांकि समय से पहले पैसा निकालने पर ब्याज दर कम मिलता है.
किसान विकास पत्र आप चाहें तो अपने नाबालिग बच्चे के नाम पर भी ले सकते हैं. जबकि 10 साल या उससे अधिक उम्र का बच्चा खुद अपने नाम पर KVP खरीद सकता है. हालांकि इसमें माता-पिता का आधार और पैन कार्ड देना अनिवार्य होता है.
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