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हर महीने बच्चे की पॉकेट मनी की टेंशन दूर! पोस्ट ऑफिस में बस एक बार जमा करने होंगे इतने रुपये,

अगर आप बच्चे के लिए हर महीने तय रकम का इंतजाम करना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम अच्छा विकल्प हो सकती है. इसमें एक बार निवेश करने पर 5 साल तक हर महीने ब्याज मिलता है और मैच्योरिटी पर पूरा पैसा वापस मिल जाता है.

हर महीने बच्चे की पॉकेट मनी की टेंशन दूर! पोस्ट ऑफिस में बस एक बार जमा करने होंगे इतने रुपये,
पोस्ट ऑफिस स्कीम से मासिक कमाई.

बच्चे की हर महीने की पॉकेट मनी का इंतजाम करना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (POMIS) आपके काम आ सकती है. इस स्कीम में आपको सिर्फ एक बार पैसा जमा करना होता है. इसके बाद हर महीने ब्याज के रूप में तय रकम मिलती रहती है. अभी इस स्कीम पर 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है. अगर 10 लाख रुपये जमा किए जाएं, तो हर महीने करीब 6,167 रुपये मिल सकते हैं. 5 साल पूरे होने पर आपका पूरा जमा पैसा भी वापस मिल जाता है.

एक बार निवेश करें, हर महीने मिलेगी तय रकम

पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शामिल है. इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इस पर सरकार की गारंटी होती है. इस स्कीम में कम से कम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है. अगर आप 10 लाख रुपये जमा करते हैं, तो 7.4% सालाना ब्याज के हिसाब से सालभर में करीब 74,000 रुपये ब्याज मिलेगा. यानी हर महीने करीब 6,167 रुपये आपके खाते में आएंगे. अगर 5 लाख रुपये जमा किए जाते हैं, तो हर महीने करीब 3,083 रुपये ब्याज मिल सकता है. 5 साल पूरे होने पर जमा किया गया पूरा मूलधन वापस मिल जाता है.

कौन खोल सकता है खाता?

यह खाता सिर्फ भारत का नागरिक ही खोल सकता है. इस स्कीम में: 

  • एक वयस्क व्यक्ति सिंगल अकाउंट खोल सकता है.
  • तीन वयस्क मिलकर जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं.
  • माता-पिता या कानूनी अभिभावक नाबालिग बच्चे के नाम पर भी खाता खोल सकते हैं.
  • मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की ओर से अधिकृत अभिभावक भी खाता खोल सकता है.
  • 10 साल या उससे ज्यादा उम्र का नाबालिग अपने नाम से यह खाता चला सकता है.

कितना निवेश कर सकते हैं?

इस स्कीम में सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं. वहीं जॉइंट अकाउंट में यह सीमा 15 लाख रुपये है. एक व्यक्ति एक से ज्यादा खाते भी खोल सकता है. लेकिन सभी खातों में कुल निवेश तय सीमा से ज्यादा नहीं होना चाहिए. योजना के तहत मिलने वाला ब्याज हर महीने पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट या ईसीएस के जरिए बैंक खाते में भेजा जाता है. अगर किसी महीने ब्याज नहीं निकाला जाता है, तो उस पर कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता.

कब निकाल सकते हैं पैसा?

इस स्कीम का लॉक-इन पीरियड 5 साल का है. हालांकि जरूरत पड़ने पर समय से पहले भी खाता बंद कराया जा सकता है. इसके लिए कुछ नियम हैं:

  • खाता खुलने के एक साल के अंदर पैसा नहीं निकाला जा सकता.
  • एक साल बाद और तीन साल से पहले खाता बंद करने पर जमा राशि का 2% काटा जाएगा.
  • तीन साल बाद, लेकिन 5 साल से पहले खाता बंद करने पर 1% की कटौती होगी.

अगर माता-पिता अपने बच्चे के लिए हर महीने एक तय रकम का इंतजाम करना चाहते हैं, तो यह स्कीम अच्छा विकल्प हो सकती है. हर महीने मिलने वाली राशि का इस्तेमाल पढ़ाई, कोचिंग, किताबों, पॉकेट मनी या दूसरे जरूरी खर्चों के लिए किया जा सकता है. वहीं 5 साल बाद पूरा जमा पैसा वापस मिल जाता है, जिसे आगे की पढ़ाई या किसी बड़े लक्ष्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. सुरक्षित निवेश और हर महीने तय आय चाहने वाले परिवारों के लिए पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम एक अच्छा ऑप्शन मानी जाती है.

(ये रिपोर्ट इंटर्न मधुलिका ने तैयार की है.)

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