दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत नरेला सबसिटी (Narela Sub-city) बनने से यहां बने DDA के 62000 फ्लैट्स को संजीवनी मिलेगी. यहां डीडीए के करीब 30 हजार से ज्यादा फ्लैट्स खाली पड़े हैं. लेकिन अब नरेला सब सिटी की जमीन का लैंड यूज़ बदलकर अवासीय से परिवहन कर दिया गया है. जिससे नरेला सबसिटी दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाला मुख्य जंक्शन बन जाएगा. यहां से नरेला-रिठाला-कुंडली का अहम मेट्रो कॉरिडोर बनाया जा रहा है. इसके चलते हरियाणा के सोनीपत तक ये मेट्रो चलाया जाएगा.
मेट्रो प्लान की वजह से NH44 जो अब तक जाम रहता था उस पर से भीड़ खत्म होगी और कुंडली, नरेला रिठाला अलीपुर सोनीपत जैसे औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों की आवाजाही आसान होगी.
दिल्ली के विकास के कई योजना को मंजूरी
बुधवार को दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को उपराज्यपाल ने मंजूरी दे दी. अब शहरी विकास मंत्रालय की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा. दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई बैठक में बुधवार (12 अगस्त) को मास्टर प्लान को मंजूरी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के सपनों को नई ऊंचाई देने के लिए दिल्ली के विकास के कई योजनाओं को मंजूरी दी गई है.
नरेला में बन रहा एजुकेशन हब
नरेला में ही यूनिवर्सिटी हब बनाया जा रहा है. यहां दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी , केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, महिला तकनीकी विश्वविद्यालय जैसे कई विश्वस्तरीय संस्थान बनाए जा रहे हैं. जहां बड़ी तादाद में छात्रों और शिक्षकों को रहने के लिए आवासीय मकानों की जरूरत पड़ेगी, इसीलिए सरकार अब यहां मेट्रो कॉरिडोर बनाकर आने जाने का रास्ता सुगम कर रही है ताकि कई सालों से वीरान पड़े इस इलाके को निकालती नई ऊंचाई दी जाए.
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