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PMMY: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिलेगा 20 लाख का लोन, जानिए आपको मिल सकता है या नहीं, ये रहा अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस

Pradhan Mantri MUDRA Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना उन छोटे कारोबारों को वित्तीय मदद देती है, जो गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि क्षेत्र में आय कमाने का काम करते हैं. इन कारोबारों को सूक्ष्म और लघु उद्यम (MSME) कहा जाता है.

PMMY: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिलेगा 20 लाख का लोन, जानिए आपको मिल सकता है या नहीं, ये रहा अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस
Pradhan Mantri MUDRA Yojana
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Pradhan Mantri MUDRA Yojana: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जो छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने या बढ़ाने के लिए 20 लाख तक का बिना गारंटी लोन प्रदान करती है. 8 अप्रैल, 2015 को शुरू की गई इस योजना के तहत शिशु 50,000 तक, किशोर 5 लाख तक और तरुण 10 लाख तक श्रेणियों में ऋण मिलता है. यह योजना कृषि से इतर क्षेत्रों में कार्यरत आय सृजित करने वाले सूक्ष्म उद्यमों को 20 लाख रुपये तक का सूक्ष्म ऋण प्रदान करती है, जिनमें विनिर्माण, व्यापार या सेवा क्षेत्र शामिल हैं, साथ ही कृषि से संबंधित गतिविधियां जैसे मुर्गी पालन, दुग्ध उत्पादन, मधुमक्खी पालन आदि भी शामिल हैं.

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यह योजना क्या करती है?

यह योजना उन छोटे कारोबारों को वित्तीय मदद देती है, जो गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि क्षेत्र में आय कमाने का काम करते हैं. इन कारोबारों को सूक्ष्म और लघु उद्यम (MSME) कहा जाता है. इनमें लाखों छोटे व्यवसाय शामिल हैं, जैसे छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, सर्विस सेक्टर की इकाइयां, दुकानदार, फल–सब्जी बेचने वाले, ट्रक चालकों का काम, फूड स्टॉल वाले, रिपेयर शॉप, मशीन ऑपरेटर
कारीगर, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और अन्य छोटे उद्योग शामिल हैं.

मुद्रा योजना के तहत ऋण कहां से मिलता है?

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत लोन सदस्य ऋणदाता संस्थानों (MLIs) के माध्यम से मिलता है. इनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक, राज्य सहकारी बैंक, ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक, माइक्रो फाइनेंस संस्थान (MFI), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC), लघु वित्त बैंक (SFB) और अन्य संस्थान जिन्हें मुद्रा लिमिटेड ने मंजूरी दी है.

ब्याज दर

लोन की ब्याज दर बैंक अपने-अपने RBI के नियमों के अनुसार तय करते हैं. इसलिए ब्याज दर अलग-अलग बैंकों में अलग हो सकती है. बैंक अपने नियमों के अनुसार, प्रोसेसिंग शुल्क ले सकते हैं, लेकिन शिशु ऋण यानी 50,000 तक का लोन पर ज्यादातर बैंक कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लेते या उसे माफ कर देते हैं.

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