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एक क्लिक कर सकता है बैंक खाली, फेक वेबसाइट से रहें सावधान, इन आसान तरीकों से करें पहचान

साइबर ठग नए-नए तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. साइबर ठग लोगों को फंसाने के लिए असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बना देते हैं और ठगी करते हैं. PIB Fact Check ने बताया कि फर्जी वेबसाइट से कैसे बचें और उसकी पहचान कैसे करें.

एक क्लिक कर सकता है बैंक खाली, फेक वेबसाइट से रहें सावधान, इन आसान तरीकों से करें पहचान
फेक वेबसाइट की कैसे करें पहचान
file photo

आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है. इसके साथ ही साइबर ठगी के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं. साइबर ठग नए-नए तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. साइबर ठग लोगों को फंसाने के लिए असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बना देते हैं. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक नुकसान और डेटा चोरी से बचा सकती है. PIB Fact Check ने फर्जी वेबसाइट की पहचान करने तरीके बताए हैं, जो आपके लिए बहुत काम आ सकते हैं और ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं.

फेक वेबसाइट से रहें सावधान

PIB Fact Check ने अपने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट कर बताया कि फर्जी वेबसाइट से कैसे बचें और उसकी पहचान कैसे करें. फर्जी वेबसाइट की पहचान करने के लिए सबसे पहले वेबसाइट के URL को ध्यान से देखें. सुरक्षित वेबसाइट के पते की शुरुआत आमतौर पर https:// से होती है. अगर, वेबसाइट के नाम में कोई गलत स्पेलिंग, अतिरिक्त अक्षर या संदिग्ध बदलाव दिखाई दे, तो सतर्क हो जाएं. साइबर ठग अक्सर इसी तरीके से लोगों को भ्रमित करते हैं.

फेक वेबसाइट की कैसे करें पहचान

वेबसाइट के एड्रेस बार में पैडलॉक यानी ताले का निशान भी जरूर देखें, यह संकेत देता है कि वेबसाइट सुरक्षित कनेक्शन का उपयोग कर रही है. अगर, ताले का निशान नहीं दिख रहा है, तो उस वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग डिटेल या पासवर्ड शेयर करने से बचें. इसके अलावा, अगर किसी वेबसाइट पर बहुत अधिक पॉप-अप विज्ञापन, आकर्षक ऑफर या लगातार क्लिक करने के लिए दबाव डाला जा रहा है, तो सतर्क रहें. फर्जी वेबसाइटें अक्सर यूजर्स को लुभावने ऑफर दिखाकर अपने जाल में फंसाने की कोशिश करती हैं.

किसी भी वेबसाइट के Contact Us और About Us पेज को भी देखना चाहिए है. विश्वसनीय वेबसाइटों पर संपर्क नंबर, ईमेल पता और अन्य जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध होती है. अगर, संपर्क संबंधी जानकारी नहीं मिलती, तो इसे खतरे की घंटी समझें. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, "फ्री लैपटॉप", "एक क्लिक में सरकारी नौकरी" या "बहुत कम कीमत में महंगे उत्पाद" जैसे ऑफर अक्सर धोखाधड़ी का हिस्सा हो सकते हैं. इसलिए किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें.

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