- सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय टोल प्लाजा के नजदीक रहने वालों के लिए सालाना फास्टैग पास पर काम कर रहा है.
- यह सालाना पास सिर्फ उन लोगों को मिलेगा,जो नेशनल हाईवे टोल प्लाजा से बीस किलोमीटर के दायरे में रहते हैं.
- इस पास का फायदा सिर्फ निजी वाहन जैसे कार, जीप, वैन के लिए होगा, व्यावसायिक वाहनों को सुविधा नहीं मिलेगी.
FASTag Annual Local Pass: नेशनल हाईवे पर रोजाना सफर करने वाले और टोल प्लाजा के पास रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय एक बड़ी राहत देने की योजना पर काम कर रहा है. दरअसल, नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों को काम या रोजमर्रा के काम के लिए आने जाने पर बार बार टोल टैक्स चुकाना पड़ता है.
फिलहाल 20 किमी के दायरे में रहने वालों के लिए मासिक पास की व्यवस्था है, लेकिन सरकार इसे और आसान बनाने के लिए वार्षिक फास्टैग पास लाने पर विचार कर रही है. इस योजना के लागू होने के बाद टोल के पास रहने वाले लोगों का रोजाना का सफर काफी सस्ता और तनाव मुक्त हो जाएगा. यानी न अब टोल प्लाजा पर टैक्स चुकाने के लिए लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ेगा और न ही बार-बार पैसे देने पड़ेंगे.
इन्हें मिलेगा 3,000 रुपये वाला लोकल फैस्टटैग
- यह पास केवल उन लोगों को मिल सकेगा जिनका निवास स्थान किसी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे के भीतर आता है.
- इस पास का लाभ केवल पर्सनल कार, जीप, वैन आदि निजी वाहनों को ही दिया जाएगा.
- बस, ट्रक, टैक्सी या अन्य व्यावसायिक गाड़ियों को इस 3,000 रुपये के सालाना पास की सुविधा नहीं मिलेगी.
ऐसे बनेगा यह फोस्टटैग लोकल पास
- डिजिटल इंडिया पहल के तहत इस पास के आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखे जाने की संभावना है.
- पात्र वाहन मालिक एनएचएआई की आधिकारिक वेबसाइट या राजमार्गयात्रा ऐप के जरिए से आवेदन कर सकेंगे.
- आवेदन के दौरान स्थानीय निवास प्रमाण पत्र जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी और गाड़ी का आरसी अपलोड करना हो सकता है.
- आवश्यक दस्तावेजों और फीस पेमेंट के सटीक नियम आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद स्पष्ट होंगे.
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कब से शुरू होगा यह अनलिमिटेड टोल पास
फिलहाल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस योजना के सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर रहा है. जल्द ही इस नीति पर अंतिम मुहर लग सकती है. हालांकि, जब तक केंद्र सरकार या एनएचएआई की ओर से कोई आधिकारिक गजट या सर्कुलर जारी नहीं किया जाता, तब तक मौजूदा मासिक पास व्यवस्था ही लागू रहेगी.
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