सावन के शुरुआत होने से पहले ही कांवड़ यात्रा शुरू हो जाती है. कांवड़ यात्रा को लेकर भक्तों का हुजूम विभिन्न शिव मंदिरों की ओर बढ़ने लगता है. हर साल सावन के पवित्र महीन में भक्त पवित्र गंगा जल लेने के लिए गौमुख, गंगोत्री धाम और हरिद्वार की पवित्र कांवड़ यात्रा करते हैं. इस जल को सावन शिवरात्रि पर शिव मंदिरों में चढ़ाया जाता है. इस साल कांवड़ यात्रा 30 जुलाई को पहले दिन शुरू होगी और 11 अगस्त चतुर्दशी को समाप्त होगी. इस दौरान भक्त भगवान शिव को पवित्र गंगा जल चढ़ाएंगे. ऐसे में कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है.
दिल्ली से होकर गुजरती है कांवड़ यात्रा
कांवड़ यात्रा के दौरान भक्त दिल्ली से होकर गुजरते हैं और कई यात्री दिल्ली बॉर्डर से होते हुए हरियाणा और राजस्थान की ओर आगे बढ़ते हैं. ऐसे में भारी ट्रैफिक को देखते हुए, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कांवड़ यात्रियों के आने-जाने के लिए सुरक्षित नहीं है. इसलिए, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रियों (पैदल चलने वालों और उनके साथ आने वाले वाहनों) का आना-जाना सख्ती से प्रतिबंधित/सीमित है, क्योंकि इससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और जान-माल का जोखिम हो सकता है.
सभी कांवड़ यात्रियों के लिए तय किया गया है यह रास्ता
कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे तय पारंपरिक रास्तों का पालन करें.
- अप्सरा बॉर्डर – शाहदरा फ्लाईओवर रोड – सीलमपुर टी-पॉइंट – ISBT फ्लाईओवर, और इसी तरह वापसी का रास्ता.
- भोपुरा बॉर्डर – वज़ीराबाद रोड – लोनी गोल चक्कर फ्लाईओवर – गोकुलपुरी टी-पॉइंट – 66 फुटा रोड – सीलमपुर टी-पॉइंट – NH-1 – नया ISBT ब्रिज, और इसी तरह वापसी का रास्ता.
- लोनी बॉर्डर – लोनी फ्लाईओवर, या सोनिया विहार बॉर्डर – पुस्ता रोड – खजूरी फ्लाईओवर – वज़ीराबाद रोड से आना-जाना, और इसी तरह वापसी का रास्ता.
- भोपुरा बॉर्डर – वज़ीराबाद रोड – वज़ीराबाद ब्रिज – आउटर रिंग रोड, और इसी तरह वापसी का रास्ता.
- इंदिरापुरम नाला रोड – गाज़ीपुर बॉर्डर – न्यू अशोक नगर – पुस्ता रोड, और इसी तरह वापसी का रास्ता.
दिल्ली पुलिस ने कांवड़ यात्रियों से की अपील
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सभी कांवड़ यात्रियों से अपील करते हुए कहा है कि वह दिये गए ट्रैफिक सलाह का सख्ती से पालन करें और केवल तय किए गए पारंपरिक रास्तों का ही इस्तेमाल करें. आपके सहयोग से सभी श्रद्धालुओं और सड़क का इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों के लिए कांवड़ यात्रा सुरक्षित, सुगम और परेशानी-मुक्त हो सकेगी.
यह भी पढ़ेंः कांवड़ यात्रा 2026: 14 दिनों तक कांवड़ मार्ग पर बंद रहेंगी मीट की दुकानें, DJ पर भी लागू कड़े नियम
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं