ग्रेटर नोएडा में जल्द ही जापान और सिंगापुर की झलक दिखाई देगी. यहां के दो सेक्टरों में 500-500 एकड़ प्रत्येक जापान और सिंगापुर सिटी बसाने की तैयारियां चल रही हैं. इसस आने वाले समय में एयरपोर्ट के आसपास जमीनों के दामों में भारी उछाल देखने को मिलेगा. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने सिंगापुर सिटी और जापान सिटी विकसित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है और इन दोनों प्रस्तावित शहर के लिए जमीन की पहचान कर ली गई है.
भूमि अधिग्रहण का प्लान तैयार
प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, इन दोनों शहरों को लेकर भूमि अधिग्रहण का प्लान तैयार कर लिया गया. यीडा ने सेक्टर-5A और सेक्टर-7 को इन दो शहरों के लिए जमीन आवंटित की है. यमुना अथॉरिटी के प्लान के तहत सेक्टर-7 और सेक्टर-5ए मल्टीपर्पस इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर चिन्हित हैं. इन इलाकों में भूमि का न्यूनतम 70 फीसदी औद्योगिक उपयोग तय किया गया है और आवासीय इस्तेमाल अधिकतम 12 फीसदी, कॉमर्शियल अधिकतम 13 और संस्थागत सुविधाएं न्यूनतम 5 फीसदी तय की गई हैं. इन दोनों सेक्टर को एक इंटीग्रेटेड औद्योगिक सिटी के रूप में तैयार किया जाएगा.

किन सेक्टर में बनेगी सिंगापुर और जापान सिटी?
जापान सिटी के लिए सेक्टर-5ए ग्रेटर नोएडा में 500 एकड़ क्षेत्र रखा गया है तो वहीं सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7 ग्रेटर नोएडा में 500 एकड़ भूमि रखी गई है. दोनों ही परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाएगा।इन सेक्टरों का विकास EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर किए जाने की तैयारी है.
बढ़ेंगी निवेश और रोजगार की संभावनाएं
जापान और सिंगापुर सिटी के विकास से यहां निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी. साथ ही ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में निवेश को नई रफ्तार मिलेगी. जेवर एयरपोर्ट से नजदीकी भी इन दोनों शहरों की अहमियत बढ़ाएगी,यहां विदेशी कंपनियों के लिए डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल हब बनाए जाएंगे साथ ही लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के लिए एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा स्थानीय रोजगार बढ़ेंगे.
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